ग्रामीण क्षेत्र में ट्रेंचिंग ग्राउंड बनाए जाने की भनक पढ़ते ही ग्रामीणों में उबाल
एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर ग्रामीण क्षेत्र से दूर ट्रेंचिंग ग्राउंड बनाए जाने की करी मांग

कुंडा। तीन नगर पालिकाओं द्वारा संयुक्त रूप से बनाए जा रहे ट्रेंचिंग ग्राउंड के विरोध में ग्रामीणों ने प्रदर्शन करते हुए एसडीएम को ज्ञापन तथा ग्रामीण क्षेत्र से दूर किसी अन्य जगह ट्रेंचिंग ग्राउंड बनाए जाने की मांग की।
बताते चलें कि काशीपुर जसपुर एवं महुआ डाबरा तीनों नगर पालिका ने मिलकर नेशनल हाईवे शेर अली बाबा मजार के सामने जंगलात वाली भूमि पर ट्चिंग ग्राउंड बनाने के लिए भूमि चिन्हित की गई थी जिसकी भनक लगते ही स्थानीय लोगों द्वारा सड़कों पर उतर आए। ट्चिंग ग्राउंड की चिन्हित की गई भूमि के विरोध में क्षेत्र के ग्राम प्रधानों द्वारा पहले भी दो बार विरोध किया जा चुका है, शासन को ग्राम प्रधानों द्वारा बीमारी फैलने की आशंका को लेकर सचेत किया गया है, लेकिन तीसरी बार फिर नगर पालिका क्षेत्र से बाहर ट्चिंग ग्राउंड को लेकर भूमि चिन्हित की है, स्थानीय लोगों द्वारा आरोप लगाया है, कि इस ट्चिंग ग्राउंड में कूड़े के ढेर से तरह-तरह की बीमारियों जन्म लेंगी जिससे स्थानीय लोगों को इस कूड़े से फैलने वाली बीमारियों का सामना करना पड़ेगा।
इस दौरान एकत्र हुए स्थानीय लोगों की सूचना पर जसपुर विधायक आदेश चौहान एवं जसपुर एसडीएम सीमा विश्वकर्मा भी मौके पर पहुंच गई लोगों द्वारा ट्चिंग ग्राउंड का विरोध कर रहे स्थानीय लोगों से एसडीएम ने बातचीत के जरिए हल निकालने का प्रयास किया लेकिन फिलहाल सहमति नहीं बन पाई जिसके लिए नगर पालिका के अधिकारियों ने स्थानीय लोगों को कूड़े से बन रही खाद के लिए बाजपुर में चल रहे प्लांट का हवाला देकर समझाने का प्रयास किया लेकिन स्थानीय लोगों ने चल रहे प्लांट को देखने के बाद ही आगे की रणनीति तय करने की बात स्वीकार की है, चिंहित की गई भूमि के विरोध में स्थानीय लोगों द्वारा एसडीएम को ज्ञापन भी सौंपा गया ।
ट्चिंग ग्राउंड के विरोध में सड़कों पर उतरे लोग मौके पर एसडीएम
ज्ञापन में स्थानीय लोगों द्वारा क्या मांग की गई आइए देखते हैं, एक नजर
1- उक्त टचिंग ग्राउंड जिस पर बनाया जाना प्रस्तावित है, उसके पास ही नदी स्थित है, जिसके पानी से आसपास के खेतों की सिंचाई होती है नदी के पास टचिंग ग्राउंड बन जाने से नदी का सारा पानी दूषित हो जाएगा जिससे क्षेत्र में फसलों को भारी नुकसान हो गया तथा फसलों के दूषित एवं खराब हो जाने से क्षेत्र में किसी भी बैंक कर महामारी के फैलने का खतरा है।
2- यह कि प्रस्तावित स्थल के पास ही क्षेत्रीय किसानों की जमीनें स्थित है, जो कि अब हाईवे के चौड़ीकरण के उपरांत कमर्शियल प्रयोग में ली जानी प्रस्तावित है, वर्तमान में उक्त जमीनों का बाजार मूल्य करोड़ों रुपए में है, क्योंकि किसी भी प्रकार का प्रोजेक्ट होटल आदि के लिए उक्त जमीनों की बाजार में भारी मांग है, ट्चिंग ग्राउंड के बन जाने से उक्त जमीनों का मूल्य घट जाएगा तथा उसके किसी भी प्रकार का कोई भी पंजीयक क्रियाकलाप किया जाना असंभव हो जाएगा एक तरफ किसान जहां आज कर्ज में है, किसान के पास ऐसी जमीनों को कमर्शियल प्रयोग में लाकर अपनी आय को बढ़ावा दिया जा सकता है, जमीनों के पास कूड़े के ढेर लग जाने से ऐसी जमीन में किसी प्रकार का कोई भी होटल आदि नहीं खोला जा सकता, जिससे किसानो को करोड़ों का नुकसान होने की संभावना है।
3- यह कि प्रस्तावित स्थल के 500 मीटर की परिधि में विभिन्न ग्रामों की आबादी स्थित है, तथा शिक्षण संस्थान गुरुद्वारा एवं मजार स्थित है, जिसमें प्रतिदिन कई लोग आते जाते हैं, ट्चिंग ग्राउंड के बन जाने से मुक्त शिक्षण संस्थानों एवं धर्म स्थल पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा तथा जनता को परेशानी होगी।
4- यह की ट्चिंग ग्राउंड बनाने के लिए जंगल के हरे भरे पेड़ों को काटा गया है, जंगल में कूड़े के ढेर लगाए जाने से वन्य संपदा को नुकसान होगा जिससे क्षेत्र में प्रदूषण की समस्या भी बढ़ जाएगी
ज्ञापन में की गई मांगों को लेकर स्थानीय लोगों व एसडीएम एवं नगरपालिका के अधिकारियों द्वारा बाजपुर में चल रहे ट्चिंग ग्राउंड कूड़े से खाद बनाने वाले प्लांट को देखा जाएगा अगर उससे प्रदूषण फैलने की कोई आशंका नजर आती है तो किसानों ने साफ तौर पर कहा है, कि हम नगर पालिका द्वारा चिन्हित की गई भूमि पर ट्चिंग ग्राउंड नहीं बनाने दिया जाएगा, इस मौके पर पूर्व ब्लाक प्रमुख रवि कुमार डोगरा, ब्लाक प्रमुख गुरताज भुल्लर, युवा विंग प्रदेश उपाध्यक्ष सुरजीत सिंह ढिल्लों, ब्लॉक अध्यक्ष अमनप्रीत सिंह, प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष प्रेम सिंह सहोता, तहसील अध्यक्ष दीदार सिंह, मनप्रीत सिंह, कर्मजीत सिंह ग्राम प्रधान, राजू शर्मा, जोगेंद्र सिंह, सुखदेव सिंह, गुरचरण सिंह आदि आदि सैकड़ों लोग शामिल रहे।

