दोस्तों के साथ ट्यूशन के लिए निकला छात्र ढेला नदी में डूबा, नदी में पिचिंग के लिए डाले गए लोहे के जाल में फस गया था छात्र का पैर

A student who had gone for tuition with his friends drowned in the river. The student's leg got stuck in an iron net put in the river for pitching.

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राजू अनेजा,काशीपुर । दोस्तों के साथ घर से ट्यूशन के लिए निकले कक्षा छह के छात्र की नदी में डूबने से मौत हो गई। उसके तीन साथियों को आसपास मौजूद लोगों ने नदी के तेज बहाव से सुरक्षित बाहर निकाल लिया। परिजनों के अनुसार ढेला में पिचिंग के लिए डाले गए लोहे के जाल में पैर फंसने से छात्र ऊपर नहीं आ सका।

कुंडा थाना क्षेत्र के आदर्श नगर निवासी हेमराज सिंह जिला मुरादाबाद के ठाकुरद्वारा के सुरजननगर डिग्री कॉलेज में प्रोफेसर हैं। मंगलवार शाम उनका बेटा शशांक अपने तीनों दोस्तों जतिन प्रताप सिंह (12) पुत्र ओंकार सिंह, कार्तिक (13) पुत्र राकेश कुमार और भानू (12) पुत्र उदयवीर के साथ 5 से 6 बजे ट्यूशन जाने की बात कहकर घर से निकला था। चारों ट्यूशन के बजाय घर से कुछ दूरी पर बहने वाली ढेला नदी में नहाने चले गए। इसी दौरान शशांक का पैर नदी के तेज बहाव में फिसल गया और नदी में डूबने लगा। शशांक को बचाने के प्रयास में अन्य तीनों बच्चे भी ढेला नदी में डूबने लगे।

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चीख-पुकार सुनकर पास में क्रिकेट खेल रहे युवकों ने जतिन, कार्तिक और भानू को बचाकर पास के नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया। शशांक का पता नहीं चला। बाद में गोताखोरों की मदद से शशांक को बाहर निकालकर सीपीआर दिया गया लेकिन तब तक उसकी सांसें थम चुकी थीं।

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बुधवार को पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे परिजनों के मुताबिक बाईपास के पास ढेला नदी में पिचिंग कार्य चल रहा है। जहां पत्थरों की पिचिंग के लिए नदी में लोहे का जाल डाला गया है। जाल में शशांक का एक पैर फंस गया और वह ऊपर नहीं आ पाया। शशांक तीन भाईयों में सबसे छोटा था। दोपहर में उसका गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार कर दिया गया।

अभिभावक बच्चों की गतिविधियों पर रखें नजर : सीओ

सीओ अनुषा बडोला ने कहा कि अभिभावकों को अपने बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखना जरूरी है। अक्सर मामले प्रकाश में आते रहते हैं कि छात्रा या छात्र स्कूल या कोचिंग नहीं पहुंचते हैं और इधर-उधर चले जाते हैं। इस जानकारी के लिए सोशल मीडिया एक बहुत अच्छा माध्यम है। स्कूल व कोचिंग संचालकों को अपने-अपने स्टूडेंट का अभिभावकों के साथ व्हाट्सएप ग्रुप अवश्य बनाना चाहिए। इसमें वह प्रतिदिन उसके स्कूल या ट्यूशन में बच्चों के आने की जानकारी अभिभावकों को शेयर करें। इससे अभिभावक को पता रहेगा कि उनका बच्चा स्कूल या ट्यूशन पहुंचा या नहीं।