नींद में सोते हुए बेटे की हो गई मौत, अंधे माता-पिता को नहीं चला पता, 4 दिन तक शव के साथ ही रहे

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हैदराबाद में अंधे माता-पिता बेटे को खाने-पानी के लिए आवाजे लगाते रहे, मगर वह कमरे से बाहर नहीं निकला. एक बार नहीं सुने पर मां-बाप ने फिर से आवाज लगाई, लेकिन बेटा तो अभी भी बाहर नहीं निकला. अब आप सोच रहे होंगे कि ये कैसा बेटा है, जो माता-पिता की सेवा तक नहीं करता. मगर, इस कहानी का पहलू तो कुछ और ही है. दरअसल, जिस बेटे को मां-बाप आवाज लगा रहे थे, वह चार दिनों से मारा पड़ा था. अंधे मां-बाप को इस बात की जानकारी ही नहीं थी, कि उनका बेटा मर चुका है.

घर से बदबू आने पर पड़ोसियों ने बुलाई पुलिस

दिल को झकझोर कर रख देने वाली घटना हैदराबाद के घटना नागोल की एक कॉलोनी की है. मंगलवार को घटना तब सामने आई जब पड़ोसियों को घर से बदबू आई और उन्होंने पुलिस को इसकी सूचना दी. पुलिस को घर में 32 वर्षीय व्यक्ति का शव मिला, जबकि 60 साल से ज्यादा उम्र के दंपत्ति भूख और तकलीफों से जूझते रहे. वह पुलिस को अर्धचेतन अवस्था में जमीन पर पड़े मिले. पुलिस ने मानवता का परिचय देते हुए बुजुर्ग दंपत्ति की देखभाल की और खाना-पानी दिया गया.

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चार दिनों से बेटे को आवाज लगा रहे थे अंधे मां-बाप

अंधे मां-बाप ने पुलिस को बताया कि उन्होंने अपने बेटे को भोजन और पानी के लिए आवाज लगाई, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला. पुलिस को संदेह है कि युवक की मौत नींद में ही हो गई. एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि उसके शव को पोस्टमार्टम के लिए सरकारी उस्मानिया अस्पताल भेज दिया गया है. राचकोंडा पुलिस आयुक्तालय के अंतर्गत नागोल पुलिस स्टेशन ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. नागोल थाने के सर्किल इंस्पेक्टर सूर्य नायक के अनुसार, दंपत्ति की तेज आवाजें लगाने में असमर्थ थे. शायद इसलिए उनके पड़ोसी भी उनकी आवाज नहीं सुन सके.

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नींद में हो गई बेटे की मौत…

पुलिस जांच में पता चला कि 60 वर्षीय सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारी कलुवा रमन्ना और उनकी पत्नी शांति कुमारी अपने छोटे बेटे प्रमोद (32) के साथ किराए के मकान में रह रहे थे. उनका बेटा शराब पीने का आदी था. प्रमोद को उसकी पत्नी ने छोड़ दिया था और वह अपनी दोनों बेटियों को अपने साथ ले गई थी. पुलिस को संदेह है कि उसकी मौत नींद में ही हो गई. पुलिस मौत के कारणों का पता लगाने के लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है. पुलिस ने शहर के दूसरे इलाके में रहने वाले दंपत्ति के बड़े बेटे प्रदीप को इसकी सूचना दी. अंधे मां-बाप की देखभाल उसे सौंपी गई है.