रात घर के बाहर सो रहे 12 लोगो को सियार ने काटकर किया घायल, दहशत में ग्रामीण

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कुशीनगर :कसया थाना क्षेत्र के कई गांवों में शनिवार की रात घर के बाहर सो रहे लोगों को सियार ने काटकर घायल कर दिया। सियार ने मवेशियों को भी शिकार बनाया है। सियार के डर से लोग दहशत में हैं। उमस भरी गर्मी में लोग रात में घरों के बाहर सो रहे हैं।

शनिवार रात भी गांव के लोग सो गए। रात 11 के बाद अचानक पहुंचे सियार ने एक के बाद एक करके लोगों को काटना शुरू कर दिया। सियार की हरकत से पूरे गांव में चीख-पुकार मच गई। सियार ने मवेशियों को भी निशाना बनाया।

सियार को पकड़ने की कोशिश नाकाम

सियार के हमले के बाद लोग लाठी-डंडा लेकर घरों से निकल पड़े। कुछ लोगों ने सियार को पकड़ने का प्रयास किया। लेकिन, वह खेतों की तरफ भाग निकला। इसके बाद से ही इलाके में दहशत फैल गई। लोगों को रात जागकर गुजारनी पड़ी। इस घटना को लेकर क्षेत्र में दहशत का माहौल बना हुआ है। ग्रामीण दीनानाथ राय, छट्ठू राय, गिरीश राय, लालधर, सिरसा, सुरसती देवी, राजा शर्मा, प्रभुभूषण, बृजेश राय, रामभोला, राम गुलाब, छक्की लाल को सियार ने काटकर घायल कर दिया। राजाराम की गाय और छक्कीलाल की पड़िया को निशाना बनाया। पागल सियार के काटने की आशंका में लोग रविवार को दिन भर परेशान रहे। इसकी सबसे ज्यादा दहशत बच्चों में नजर आई।

एंटी रैबीज इंजेक्शन जरूरी, घाव का सूखना जरूरी

पूर्व चिकित्सा प्रभारी रामकोला डॉ. रजनीश श्रीवास्तव ने बताया कि सियार के काटने पर सबसे पहले उस घाव को साबुन से कई बार धोना चाहिए। इससे 10 प्रतिशत कीटाणु नष्ट हो जाते हैं। उस घाव को हमेशा खुला रखना चाहिए। उस पर दवा लगानी चाहिए। घाव ज्यादा होने पर भी टांका नहीं लगवाना चाहिए। उसके बाद टीटबैक और एंटी रेबीज वैक्सीन अवश्य लगवाना चाहिए।

एंटी रैबीज इंजेक्शन की चार डोज लगती है जिसमें पहला डोज पहले दिन, दूसरा डोज तीसरे दिन, तीसरा डोज सातवें दिन और चौथा डोज 28वें दिन लगवाना जरूरी होता है। ज्यादा घाव होने पर एंटीबायटिक दवाओं के साथ अन्य दवाएं भी डॉक्टर की सलाह से ले सकते हैं।

इस संबंध में वन दरोगा जलालुद्दीन अंसारी ने बताया कि सूचना मिली है। सियार को पकड़ने के लिए टीम भेजी जाएगी। घटना की सूचना किसी ग्रामीण ने नहीं दी थी।

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