
परंतु इस बार लाल कुआं में होने वाला नगर निकाय का चुनाव लाल कुआं में पूर्व में हुए विकास से जुड़ा होते हुए संभावित उम्मीदवारों के लिए किसी अग्नि परीक्षा से कम नजर नहीं आ रहा है यदि लाल कुआं में विकास की बात की जाए तो केंद्र व प्रदेश में काबिज भाजपा सरकार लाभ अभी तक लाल कुआं की जनता को पूरी तरह से नहीं मिल पाया है। रोजगार,मालिकाना हक, बस अड्डा ,ट्रांसपोर्ट नगर, स्टेडियम,ग्रीन पार्क, सीमा विस्तार ,डिग्री कॉलेज की मांग अभी तक पूरी न होने के चलते लाल कुआं के वाशिंदे अन्य जगहो पर पलायन करने को मजबूर है।वही लाल कुआं में बाईपास निर्माण न होने के चलते यहां के लोगों के दिल में हमेशा फोरलेन निर्माण के दौरान होने वाला नुकसान का डर बना रहता है। उक्त मूलभूत समस्याओं का आज तक समाधान न होने के चलते इस बार नगर निकाय चुनाव भाजपा, कांग्रेस सहित अन्य दलों के लिए किसी चक्रव्यूह से कम नजर नहीं आ रहा है।