उत्तराखंड में 2027 के रण की बिसात: हैट्रिक की तलाश में बीजेपी ने झोंकी ताकत, वापसी को बेताब कांग्रेस बना रही ‘मास्टर प्लान’

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देहरादून। उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनाव 2027 की सियासी हलचल तेज हो गई है। 28 मार्च 2027 को वर्तमान विधानसभा का कार्यकाल समाप्त हो रहा है, जिसके चलते फरवरी-मार्च 2027 में चुनाव प्रस्तावित हैं। राज्य में लगातार तीसरी बार सरकार बनाकर इतिहास रचने के इरादे से सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने संगठन स्तर पर आक्रामक रणनीति पर काम शुरू कर दिया है। वहीं, पिछले दो चुनावों से सत्ता से बाहर चल रही मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस भी अपने केंद्रीय दिग्गजों की मदद और स्थानीय मुद्दों के सहारे वापसी का खाका तैयार कर रही है। दोनों ही दल चुनाव की औपचारिक घोषणा से पहले ही धरातल पर अपनी जमीन मजबूत करने में जुट गए हैं।
हारी हुई 23 सीटों पर बीजेपी का खास फोकस, कांग्रेस कराएगी राहुल-प्रियंका और खड़गे के दौरे
बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के देहरादून व हल्द्वानी दौरों के बाद पार्टी ने 7 सूत्रीय एजेंडा तय किया है, जिसके तहत पिछले चुनाव में हारी हुई 23 विधानसभा सीटों पर मुख्यमंत्री, प्रदेश अध्यक्ष और सांसदों की विशेष जवाबदेही तय की गई है। पार्टी अपने ‘सेवा संकल्प’ अभियान और डबल इंजन सरकार के विकास कार्यों के सहारे जनता के बीच जा रही है। दूसरी तरफ, कांग्रेस ने अंदरूनी सर्वे के जरिए जमीनी फीडबैक जुटाना शुरू किया है। कांग्रेस प्रदेश नेतृत्व के अनुसार, चुनाव प्रचार को गति देने के लिए राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे जैसे केंद्रीय नेताओं के कई दौरे कराए जाएंगे। जहां बीजेपी के सामने एंटी-इनकंबेंसी से निपटने की चुनौती है, वहीं कांग्रेस के लिए गुटबाजी से परे होकर एकजुटता दिखाना सबसे बड़ी परीक्षा माना जा रहा है।
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