ससुर की हत्या के लिए पत्रवधू ने दी थी दो लाख रुपये की सुपारी, पति की नौकरी के लिए रची थी साजिश

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बिहार के बरौनी में अपने पति की सरकारी नौकरी के लिए पुत्रवधू द्वारा अपने ससुर की हत्या की साजिश रचने का हैरतअंगेज मामला सामने आया है।दरअसल, महिला अपने पति की सुरक्षित नौकरी चाहती थी। ऐसे में उसने सुपारी देकर रेलवे के एक बिजलीघर में तकनीशियन के पद पर कार्यरत अपने ससुर की हत्या करवा दी।हालांकि, पुलिस ने वारदात के महज छह दिन बाद ही खुलासा करते हुए आरोपी पुत्रवधू को गिरफ्तार कर लिया है।

राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) के पुलिस अधीक्षक (SP) अशोक कुमार ने बताया कि मृतक बरौनी में दक्षिण रेलवे आवासीय कॉलोनी निवासी सतीश चौधरी (52) है।उन्होंने बताया कि सतीश के बेटा महज कक्षा चार तक पढ़ा हुआ था और उसकी कोई नौकरी नहीं थी। ऐसे में उसकी पत्नी साक्षी ने पति की सरकारी नौकरी के लिए अपने ससुर की हत्या की योजना बनाई और इसके लिए पेशवर अपराधियों को दो लाख रुपये की सुपारी दे दी।

SP ने बताया कि साक्षी ने अपने प्रेमी की मदद से दो लोगों से हत्या के लिए दो लाख रुपये में सौदा तय किया था और उसने 90,000 रुपये का अग्रिम भुगतान भी किया था।इसके बाद आरोपियों ने गत 24 मार्च को रेलवे कॉलोनी स्थित क्वॉर्टर पर पहुंचकर सतीश की गोली मारकर हत्या कर दी थी।सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों के सुपुर्द कर दिया था और मामले की जांच शुरू कर दी थी।

SP ने बताया कि पूछताछ में साक्षी ने कहा कि उसके पति की नौकरी नहीं थी और ससुर रेलवे में कार्यरत थे। वह कुछ साल बाद सेवानिवृत्त होने वाले थे।ऐसे में मुआवजे के रूप में पुत्र को मिलने वाली नौकरी के लालच में उसने अपने ससुर की मौत की साजिश रची थी।इसके लिए उसने अपने पुराने प्रेमी की मदद से दो पेशेवर हत्यारों से संपर्क किया था और वारदात के लिए दो लाख में सौदा तय किया था।

बता दें कि केंद्र सरकार के कर्मचारियों और प्रशिक्षण विभाग द्वारा जारी एक स्थायी परिपत्र के अनुसार यदि किसी केंद्रीय कर्मचारी की प्राकृतिक या आकस्मिक मौत होती है तो उसके सबसे बड़े पुत्र या अन्य आश्रित को उसकी जगह नौकरी का हकदार माना जाता है।ऐसे में मुआवजे के तौर पर उसे नौकरी दे दी जाती है। सरकार के इसी नियम के प्रेरित होकर साक्षी ने अपने ससुर की हत्या कराने की योजना बनाई थी।