हिमालय प्रहरी

₹70 लाख के खर्च के बाद भी ₹25 लाख नगद दहेज की मांग; विवाहिता और मासूम बेटी को पीटा, पति समेत 5 पर मुकदमा

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रुद्रपुर (ऊधम सिंह नगर), 25 जून 2026: रुद्रपुर कोतवाली क्षेत्र से महिला उत्पीड़न और दहेज के लोभ की एक बेहद गंभीर और विदारक घटना सामने आई है। यहाँ एक विवाहिता ने अपने पति और ससुराल पक्ष के अन्य सदस्यों पर ₹२५ लाख की अतिरिक्त नगद राशि की मांग को लेकर गंभीर शारीरिक-मानसिक प्रताड़ना और मारपीट का आरोप लगाया है। पीड़िता का विधिक आरोप है कि विवाह में करीब ₹७० लाख खर्च करने के बावजूद उसे लगातार कम दहेज का ताना दिया गया और अंततः मासूम बेटी के साथ घर से बाहर निकाल दिया गया। पुलिस ने तहरीर के आधार पर पति, सास, ससुर और दो ननदों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कर विधिक जांच शुरू कर दी है।

2021 में हुई थी शादी; मायके पक्ष ने कार समेत दिए थे लाखों के उपहार

कोतवाली पुलिस को सौंपी गई विधिक तहरीर के अनुसार, पीड़िता का विवाह १८ नवंबर २०२१ को रुद्रपुर निवासी हेमंत वैध के साथ संपूर्ण हिंदू रीति-रिवाजों के साथ संपन्न हुआ था।

  • लाखों के उपहार: पीड़िता के मायके वालों ने विवाह समारोह में अपनी विधिक व सामाजिक सामर्थ्य से बढ़कर खर्च किया था।

  • ₹70 लाख का दावा: तहरीर में उल्लेख है कि शादी के समय करीब ₹१६ लाख मूल्य की लग्जरी कार, सोने-चांदी के भारी आभूषण, कीमती फर्नीचर और इलेक्ट्रॉनिक सामान सहित अन्य आवश्यक घरेलू वस्तुएं उपहार स्वरूप दी गई थीं। पीड़िता का दावा है कि पूरे विवाह में कुल मिलाकर करीब ₹७० लाख की भारी-भरकम राशि खर्च की गई थी।

₹25 लाख नगद की डिमांड; बेटी होने पर प्रताड़ना और दूसरी शादी की धमकी

आरोप है कि इस भव्य स्वागत और दान-दहेज के बावजूद शादी के कुछ समय बाद ही ससुराल पक्ष का लालच बढ़ गया। पति हेमंत वैध, ससुर, सास और दो ननदें उसे कम दहेज लाने का ताना देकर प्रताड़ित करने लगे।

  • नगद राशि की मांग: ससुराल पक्ष द्वारा मायके से ₹२५ लाख नगद अतिरिक्त दहेज के रूप में लाने का लगातार विधिक व व्यावहारिक दबाव बनाया जा रहा था।

  • मानसिक उत्पीड़न: मांग पूरी न होने पर विवाहिता को बुरी तरह प्रताड़ित किया जाता था। पीड़िता ने यह भी दर्दनाक आरोप लगाया कि घर में बेटी के जन्म होने के बाद ताने और बढ़ गए। ससुराल के लोग पति को अक्सर दूसरी शादी करने के लिए उकसाते थे और पति भी उसे छोड़ने व दूसरी विधिक शादी करने की धमकी देता था।

महिला हेल्पलाइन में नहीं हुआ समाधान; मारपीट कर घर से निकाला

पीड़िता ने न्याय के लिए पूर्व में महिला हेल्पलाइन में भी विधिक शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन वहां कोई प्रभावी समाधान या समझौता नहीं हो सका, जिससे ससुराल पक्ष और अधिक उग्र हो गया।

तहरीर के विधिक तथ्यों के अनुसार, बीते १३ मार्च २०२६ को पति, सास, ससुर और दोनों ननदों ने एक राय होकर विवाहिता के साथ बेरहमी से मारपीट की। इसके बाद आरोपियों ने उसे उसकी मासूम दूधमुंही बेटी समेत जबरन घर से बाहर खदेड़ दिया और दोबारा आने पर जान से मारने की विधिक धमकी दी। तब से पीड़िता अपने मायके में शरण लिए हुए है।

मुकदमा दर्ज; महिला उपनिरीक्षक को सौंपी गई विधिक जांच

मायके पक्ष द्वारा सामाजिक स्तर पर बातचीत और समझौते के कई विधिक प्रयास किए गए, लेकिन ससुराल पक्ष अपनी नकदी की अड़ियल मांग से टस से मस नहीं हुआ। अंततः पीड़िता ने कोतवाली पुलिस की विधिक शरण ली।

मामले की विधिक प्रगति और प्रशासनिक रुख को स्पष्ट करते हुए रुद्रपुर के कोतवाली प्रभारी निरीक्षक प्रकाश सिंह दानू ने बताया:

“पीड़िता द्वारा प्रस्तुत लिखित तहरीर के आधार पर पति हेमंत वैध और ससुराल पक्ष के अन्य नामजद सदस्यों के विरुद्ध दहेज प्रतिषेध अधिनियम और भादंवि की सुसंगत विधिक धाराओं के तहत मुकदमा पंजीकृत कर लिया गया है। मामले की संवेदनशीलता और महिला उत्पीड़न को देखते हुए इसकी गहन जांच एक महिला उपनिरीक्षक (SI) को सौंपी गई है। विधिक जांच में जो भी साक्ष्य और तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आरोपियों के विरुद्ध सख्त वैधानिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।”

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