राष्ट्रीय राजमार्ग पर व्यापारियों का कब्जा, दुर्घटनाओं के शिकार हो रहे राहगीर



लालकुआं: एक किमी की लंबाई में बसे लालकुआं नगर में व्यापारियों द्वारा फुटपाथ के साथ ही आधी सड़क तक सजाई दुकानों के चलते राहगीरों का चलना दुबर हो गया है। जिस कारण एक सप्ताह में सड़क दुर्घटना में दो लोगों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा । लेकिन पुलिस व प्रशासन इस दिशा में कोई कार्यवाही नही करता है।
नगर में सड़क संकुचित होने के कारण गत बुधवार को बिंदुखत्ता के इंद्रानगर निवासी ग्रामीण केदार राम को मजबूरन अपनी साइकिल को सड़क के बीचों बीच चलाना पड़ा। इसी दौरान पीछे से आ रहा ट्रक जब उसकी बगल में पहुंचा तो वह हड़बड़ा कर ट्रक के पिछले पहिए में आ गया। और उसकी दर्दनाक मौत हो गई। जबकि उसी स्थान पर सोमवार को वार्ड नंबर एक निवासी बाइक सवार युवक रविन्द्र ध्यानी की बस के चपेट में आने से मौत हो गई। बतादें कि नगर के मुख्य बाजार में व्यापारियों द्वारा अपनी दुकानों को आधी सड़क तक सजाया जाता है। जिसकारण सड़क पर सिर्फ एक वाहन के निकलने का रास्ता बच जाता है। कहने को राष्ट्रीय राजमार्ग के नाम से जाना जाने वाली लालकुआं नगर की सड़क व्यापारियों के अतिक्रमण के चलते एक गली के रूप में तब्दील हो गई है। ऐसे में अगर कोई ग्राहक अपनी बाइक या अन्य वाहन को दुकान के बाहर खड़ा करता है तो सड़क में जाम की स्थिति बन जाती है। जिससे रोजाना दुर्घटनाओं का भय बना रहता है। लेकिन पुलिस व प्रशासन इस दिशा में कोई भी कार्य करता नही दिख रहा है।

पैदल चलने के लिए भी जगह नही
लालकुआं: नगर में राष्ट्रीय राजमार्ग में दुपहिया वाहन तो दूर पैदल चलने वालों के लिए भी जगह नही बचती है। जिसकारण हमेशा दुर्घटनाओं का भय बना रहता है। जबकि बिंदुखत्ता, सेंचुरी पेपर मिल, 25 एकड़, बंगाली कालोनी समेत तमाम क्षेत्र की सवा लाख की आबादी का मुख्य बाजार लालकुआं ही है।

व्यापारियों द्वारा सड़क पर किया गया अतिक्रमण अनुचित है। जल्द ही अभियान चलाकर सड़क को अतिक्रमण मुक्त किया जाएगा।
ऋचा सिंह, एसडीएम लालकुआं

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