22 साल से बेटे का इंतजार कर रही है माता पिता की बूढ़ी आंखें

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जबलपुर: मा बाप के लिए बेटे के बिछुड़ने का गम हमेसा सालता रहता है। ऐसे कई उदाहरण है जिसमे माता पिता ने पुत्र का जीवन के अंतिम सांस तक इंतजार किया हो। ऐसे ही एक मार्मिक कहानी है हाल निवासी जबलपुर व मूल निवासी गनिगाव बागेश्वर उत्तराखंड निकासी मोहन चंद्र जोशी व उनकी पत्नी की है। जिनका 18 वर्षीय इकलौता पुत्र नंदा जोशी 22 साल पहले यानी अप्रेल 1999 में लापता हो गया था। लेकिन माता पिता की बूढ़ी आंखे आज भी बेटे के इंतजार कर रही है।

दरअसल ग्राम गनिगाव, जिला बागेश्वर उत्तराखंड निकासी मोहन चंद्र जोशी 90 के दशक में जबलपुर के प्रेमनगर मदन महल में बस गए। यहां पर वह ट्रांसपोर्ट का व्यवसाय करते है। एक बेटी व एक बेटे के साथ उनका जीवन हंसी खुशी बीत रहा था। 29 अप्रेल 1999 को अचानक उनका 18 वर्ष का इकलौता पुत्र नंदा जोशी लापता हो गया। यह घटना उनके परिवार के लिए बज्रपात से कम नही थी। बेटे की तलाश में दर-दर की ठोकरें खाई। संत महात्माओं की चौखट में चक्कर लगाने के साथ ही हर संभावित जगह पर तलाश की गई। लेकिन 22 वर्ष बीत जाने के बाद भी नंदा जोशी का पता नहीं चल सका। लेकिन माता-पिता ने अब भी हार नहीं मानी है। अपने इकलौते पुत्र की तलाश के लिए वह अब भी हर सम्भव प्रयास कर रहे हैं। तांत्रिको द्वारा बेटे के हरिद्वार में होने की संभावना जताने पर मोहन चंद्र जोशी अब उत्तराखंड में अपने इष्ट मित्रों व संबंधियों से संपर्क कर रहे हैं। बकौल मोहन चंद्र जोशी- बेटा आप जहां कहीं भी हो घर आ जाओ हम आपका आज भी बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। आइए इस पुनीत कार्य में अपना हाथ बढ़ाते हैं। नंदा जोशी के माता पिता का नंबर 9329485466, 9755609456 है। कृपया इस न्यूज़ को अधिक से अधिक शेयर करें।

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