स्वास्थ्य सेवाओं की लापरवाही से 8 माह की गर्भवती की मौत, 3 माह में तीसरी प्रसूता की गई जान

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टिहरी: उत्तराखंड के भिलंगना ब्लॉक में लचर स्वास्थ्य सेवाओं के कारण एक और गर्भवती महिला नीतू पंवार (24 वर्ष) की मौत हो गई है। नीतू को सीएचसी बेलेश्वर से हायर सेंटर रेफर किया गया था, लेकिन निजी वाहन से ढाई घंटे की यात्रा के दौरान फकोट के पास उनकी मृत्यु हो गई। इस घटना से क्षेत्र में शोक और आक्रोश की लहर है, जहाँ पिछले तीन महीनों में ‘रेफर-रेफर के खेल’ में यह तीसरी प्रसूता की मौत का मामला है।


🤰 घटना का विवरण

 

  • मृतका: नीतू पंवार (24 वर्ष), पत्नी दीपक पंवार, निवासी श्रीकोट गाँव, चमियाला। (8 माह की गर्भवती)।

  • घटनाक्रम: अचानक तबीयत बिगड़ने पर परिजन नीतू को सुबह करीब 9 बजे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) बेलेश्वर ले गए।

  • रेफर का कारण: सीएचसी बेलेश्वर के चिकित्सा प्रभारी डॉ. शिव प्रसाद भट्ट के अनुसार, गर्भवती की नियमित जाँच न होने के कारण शरीर में गंभीर सूजन (एडिमा) और ब्लड प्रेशर में वृद्धि (बीपी) थी। सुरक्षा को देखते हुए उन्हें हायर सेंटर रेफर किया गया।

  • मृत्यु: परिजन नीतू को निजी वाहन से हायर सेंटर ले जा रहे थे, लेकिन फकोट के पास उनकी मौत हो गई।

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🗣️ परिजनों और ग्रामीणों के आरोप

 

  • लापरवाही: परिजनों का आरोप है कि उचित और समय पर उपचार न मिलने के कारण नीतू की जान गई है।

  • व्यवस्था पर सवाल: ग्रामीणों ने कहा कि बार-बार रेफर करना और हायर सेंटर की दूरी ने समय पर उपचार के अवसर छीने हैं। उन्होंने सीएचसी में स्टाफ, उपकरणों के सुदृढ़ीकरण और आपातकालीन परिवहन (एंबुलेंस) व्यवस्था में सुधार की मांग की है।

  • पीछे छूटा परिवार: नीतू के पति दीपक पंवार बहरीन में नौकरी करते हैं और प्रसव के लिए ही हाल ही में नीतू गाँव लौटी थीं। पति के बुधवार तक घनसाली पहुँचने के बाद अंतिम संस्कार किया जाएगा।

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🗓️ रेफर-रेफर के खेल में गई जानें (पिछले 3 माह में)

 

क्रम नाम घटना का महीना
1. अनीशा रावत सितंबर
2. रवीना कठैत अक्टूबर
3. नीतू पंवार 18 नवंबर

🔍 तीन सदस्यीय जांच टीम गठित

 

गर्भवती की मौत के बाद सीएमओ टिहरी, डॉ. श्याम विजय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तीन सदस्यीय जाँच टीम गठित कर दी है।

  • टीम सदस्य: एसीएमओ डॉ. जितेंद्र भंडारी, इंटरनल मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. एस मोहन सती, और गायनोलॉजिस्ट डॉ. पूर्वी भट्ट।

  • जाँच के बिंदु: टीम एक हफ्ते के भीतर प्रसव-पूर्व इतिहास, दिए गए परीक्षण, सीएचसी बेलेश्वर में दिए गए उपचार और रेफर की प्रक्रिया समेत सभी पहलुओं की गहनता से जाँच कर रिपोर्ट सौंपेगी।

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सीएमओ ने कहा कि मरीज का बीपी और सूजन बढ़े हुए मिलने पर हायर सेंटर रेफर किया गया था, लेकिन दुर्भाग्यवश मार्ग में ही मौत हो गई।

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