पिथौरागढ़ में समलैंगिक प्रेम का अजीबोगरीब मामला: एक साथ रहने की जिद पर अड़ीं विवाहिता और नाबालिग किशोरी; काली नदी में कूदकर जान देने का प्रयास, पुलिस ने बचाया

खबर शेयर करें -

पिथौरागढ़: भारत-नेपाल सीमा से लगे सीमांत जनपद पिथौरागढ़ के झूलाघाट क्षेत्र से प्रेम-प्रसंग का एक बेहद हैरान और विचलित करने वाला मामला सामने आया है। यहाँ एक 28 वर्षीय विवाहिता (जो छह साल की एक बेटी की मां भी है) और एक 17 वर्षीय नाबालिग किशोरी के बीच समलैंगिक प्रेम संबंध इस कदर परवान चढ़ गया कि दोनों समाज और कानून की परवाह किए बिना एक-दूसरे के साथ ही जीने-मरने की जिद पर अड़ गई हैं। परिजनों द्वारा इस असामान्य रिश्ते का विरोध करने पर दोनों ने काली नदी में कूदकर सामूहिक आत्मदाह का प्रयास भी किया, लेकिन पुलिस और परिजनों ने ऐन वक्त पर मुस्तैदी दिखाकर दोनों को नदी की तेज धारा में कूदने से बाल-बाल बचा लिया।

कोतवाली में खुला प्रेम संबंध का राज, सुनकर सन्न रह गए परिजन

प्राप्त जानकारी के अनुसार, झूलाघाट क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली 28 वर्षीय विवाहिता वर्तमान में पिथौरागढ़ नगर में एक किराए के मकान में रहती है। उसका पति दिल्ली में एक प्राइवेट नौकरी करता है। वहीं, 17 वर्षीय किशोरी की रिश्तेदारी विवाहिता के गांव में होने के कारण उसका वहां आना-जाना था। इत्तेफाक से, पिथौरागढ़ में जहां विवाहिता किराए पर रहती है, उसी के पास किशोरी की बड़ी बहन का भी घर है। इसी आवाजाही के दौरान दोनों में पहले जान-पहचान हुई, जो गहरी दोस्ती के बाद धीरे-धीरे समलैंगिक प्रेम संबंधों में तब्दील हो गई।

यह भी पढ़ें 👉  लालकुआं व्यापार मंडल चुनाव: हैट्रिक की ओर 'दानी भाई'; लगातार दो सफल कार्यकालों के बाद भी एंटी-इन्कंबेंसी गायब, सोशल मीडिया पर अग्रिम बधाइयों की बाढ़

मामला तब उजागर हुआ जब विवाहिता खुद झूलाघाट कोतवाली पहुंची और पुलिस से किशोरी को वहां बुलाने की मांग की। विवाहिता के कहने पर पुलिस ने जब किशोरी और उसके परिजनों को कोतवाली बुलाया, तो पूछताछ के दौरान दोनों के इस रिश्ते का खुलासा हुआ। दोनों ने पुलिस के सामने स्पष्ट कहा कि वे एक-दूसरे के बिना नहीं रह सकतीं और साथ में ही जीवन बिताएंगी, जिसे सुनकर परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई।

थाने में हाई-वोल्टेज ड्रामा, फिर काली नदी तट पर सुसाइड की कोशिश

कोतवाली के भीतर दोनों पक्षों के बीच काफी देर तक हाई-वोल्टेज ड्रामा चलता रहा। पुलिस ने दोनों को कानूनी सीमाओं, उम्र के बड़े फासले (नाबालिग होने) और सामाजिक दुश्वारियों का हवाला देकर समझाने की भरपूर कोशिश की। इसके बाद पुलिस ने दोनों को समझा-बुझाकर परिजनों के साथ घर भेज दिया। लेकिन दोनों के सिर पर प्यार का भूत इस कदर सवार था कि वे घर जाने के बजाय सीधे काली नदी के किनारे पहुंच गईं और वहां से गहरी खाई व नदी में छलांग लगाने की योजना बनाने लगीं।

यह भी पढ़ें 👉  गढ़ीनेगी में कमल खिलाने को बाली ने संभाला मोर्चा, भारी जनसैलाब के बीच बाठला का नामांकन

दोनों की हरकतों पर अनहोनी की आशंका जताते हुए परिजनों ने तत्काल पुलिस को सूचित किया। सूचना मिलते ही झूलाघाट पुलिस टीम ने तुरंत मौके पर दौड़ लगाई और नदी तट से दोनों को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया। इसके बाद दोनों को महिला पुलिसकर्मियों की कड़ी निगरानी में रखा गया।

विवाहिता एसडीएम कोर्ट में पेश, नाबालिग को बाल कल्याण समिति का संरक्षण

इस पूरे संवेदनशील मामले पर पुलिस उपाधीक्षक (DySP) गोविंद बल्लभ जोशी ने विस्तृत आधिकारिक जानकारी देते हुए बताया:

“विवाहिता और एक नाबालिग के बीच समलैंगिक प्रेम संबंध का यह गंभीर मामला है। दोनों को सुरक्षित बचाने के बाद आवश्यक कानूनी और विधिक कार्रवाई अमल में लाई गई है। 28 वर्षीय विवाहिता को उपजिलाधिकारी (SDM) न्यायालय में पेश कर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। वहीं, किशोरी के नाबालिग होने के कारण उसकी उचित काउंसलिंग कराई गई है और उसे वन स्टॉप सेंटर के माध्यम से ‘बाल कल्याण समिति’ (CWC) के संरक्षण में सौंप दिया गया है।”

फिलहाल, नाबालिग किशोरी बाल कल्याण समिति की देखरेख में रहेगी, जबकि सीमांत क्षेत्र में दो महिलाओं के बीच का यह जुनूनभरा समलैंगिक रिश्ता स्थानीय निवासियों के बीच भारी कौतूहल और चर्चा का विषय बना हुआ है।

यह भी पढ़ें 👉  मुनस्यारी के राइंका बांसबगड़ का देश सेवा में ऐतिहासिक धमाका: एक साथ 9 एनसीसी कैडेट्स का भारतीय सेना में चयन; क्षेत्र में जश्न का माहौल