राजस्थान के झुंझुनूं को यूं ही फौजियों व शहीदों वाला जिला नहीं कहते हैं। इस एक बानगी 15 जुलाई 2024 की रात को जम्मू कश्मीर के डोडा में हुआ आतंकी हमला है, जिसमें झुंझुनूं जिले के दो फौजी एक साथ शहीद हो गए।
डोडा आतंकी हमले में शहीद हुए अजय सिंह नरूका झुंझुनूं जिले की बुहाना तहसील के गांव भैंसावता कलां जबकि दूसरे शहीद बिजेंद्र सिंह दौराता राजस्थान झुंझुनूं के गांव डूमोली खुर्द की ढाणी खुबा के रहने वाले थे। दोनों शहीदों का अंतिम संस्कार बुधवार को किया जाएगा।
बहू को भेजेंगे फौज में
शहीद अजय सिंह नरूका तो अपने परिवार में तीसरे शहीद हैं। पहले चाचा फिर मामा और अब खुद अजय सिंह नरुका वतन पर मर मिटे। बेटे की शहादत के बाद शहीद परिजनों का कहना है कि अब वे बहू को भी फौज में भेजने को तैयार हैं। शालू कंवर ने एमएससी की परीक्षा दे रखी है।

18 जुलाई को आने वाले थे छुट्टी पर
अजय सिंह नरूका की शादी 21 नवंबर 2021 को गांव अगवान कलां निवासी शालू कंवर के साथ हुई थी। इनके अभी कोई संतान नहीं है।
अजय सिंह नरूका इन दिनों जम्मू कश्मीर के 10 आरआर डोडा इलाके में तैनात थे। जहां 15 जुलाई 2024 को आतंकियों से मुठभेड़ में शहीद हो गए।

अजय सिंह नरूका छुट्टी लेकर 18 जुलाई को घर आने वाले थे, मगर तीन दिन पहले ही शहीद हो गए और अब 17 जुलाई को उनकी पार्थिव देह तिरंगे में लिपटकर घर आएगी।

अजय सिंह के परिवार से फौजी व शहीद
अजय सिंह नरूका के चाचा सुजानसिंह 14 दिसंबर 2021 को शहीद हो गए थे। गांव चांदकोठी निवासी मामा तेजपाल सिंह भी फौजी थे औ वे भी शहीद हुए थे।
साल 2015 में अजय सिंह नरुका के पिता कमल सिंह नरूका भारतीय सेना के 24 राजपूत रेजिमेंट सेंटर फतेहगढ़ से नवम्बर 2015 को रिटायर हुए है। वर्तमान में भारतीय सेना में माउंट आबू में तैनात चाचा कायम सिंह सेना मेडल 2022 से सम्मानित हैं।

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