डोईवाला: राजकीय स्कूल में ‘जबरन नमाज’ और ‘बाल श्रम’ का आरोप; बाल आयोग सख्त, 20 अप्रैल तक रिपोर्ट तलब

खबर शेयर करें -

देहरादून (19 मार्च 2026): डोईवाला के राजकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय शेरगढ़ के कक्षा 8 के छात्रों ने उत्तराखंड बाल अधिकार संरक्षण आयोग को शिकायती पत्र भेजकर प्रधानाध्यापक (हेड मास्टर) पर गंभीर आरोप लगाए हैं। आयोग ने मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्य शिक्षा अधिकारी (CEO) देहरादून को तत्काल जांच के निर्देश दिए हैं।

1. बच्चों के पत्र में किए गए गंभीर खुलासे

स्कूल के छात्रों ने स्वयं पत्र लिखकर अपनी पीड़ा बयान की है, जिसमें निम्नलिखित आरोप लगाए गए हैं:

  • जबरन धार्मिक गतिविधि: छात्रों का आरोप है कि स्कूल के हेड मास्टर द्वारा उन्हें जबरन नमाज पढ़ाने के लिए मजबूर किया जाता है।

  • बाल श्रम और अमानवीय कृत्य: बच्चों ने बताया कि उनसे स्कूल परिसर और शौचालयों की सफाई कराई जाती है, जो स्पष्ट रूप से बाल अधिकारों का उल्लंघन है।

  • खेलकूद पर पाबंदी: पत्र में यह भी कहा गया है कि स्कूल में पिछले कई वर्षों से कोई खेलकूद की गतिविधियां आयोजित नहीं की गई हैं।

यह भी पढ़ें 👉  एक्शन में खाकी: नवरात्र-ईद को लेकर हाई अलर्ट, चप्पे -चप्पे पर पुलिस की पैनी नजर

2. बाल आयोग का कड़ा रुख

आयोग की अध्यक्ष डॉ. गीता खन्ना ने मामले को बेहद संवेदनशील बताया है:

  • जांच के आदेश: आयोग के अनुसचिव डॉ. सतीश कुमार सिंह ने सीईओ देहरादून को पत्र लिखकर 20 अप्रैल 2026 तक विस्तृत कार्रवाई रिपोर्ट (Action Taken Report) पेश करने को कहा है।

  • स्थलीय निरीक्षण: आयोग की एक टीम जल्द ही स्कूल का दौरा करेगी ताकि बच्चों और स्टाफ से सीधे बात कर सच का पता लगाया जा सके।

  • अधिकारियों को निर्देश: पत्र की प्रति खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) डोईवाला को भी भेजी गई है ताकि स्थानीय स्तर पर साक्ष्य जुटाए जा सकें।

यह भी पढ़ें 👉  हल्द्वानी: पॉश इलाके में युवती का पीछा कर छेड़छाड़; बुलेट सवार दो मनचले गिरफ्तार, वीडियो वायरल होने पर पुलिस का एक्शन

3. शिक्षा विभाग में हलचल

एक सरकारी स्कूल में इस तरह की गतिविधियों के आरोपों ने विभाग की निगरानी प्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित प्रधानाध्यापक के खिलाफ सेवा नियमावली और बाल संरक्षण अधिनियम (POCSO या JJ Act के प्रासंगिक प्रावधानों) के तहत कड़ी कार्रवाई हो सकती है।

यह भी पढ़ें 👉  नवरात्र में ‘मीट -मांस पर लॉकडाउन’ ! ईदगाह फैसले के बाद रुद्रपुर में नगर निगम का कड़ा फरमान

Snapshot: शेरगढ़ स्कूल विवाद मामला

विवरण जानकारी
स्कूल का नाम राजकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय, शेरगढ़ (डोईवाला)
शिकायतकर्ता कक्षा 8 के छात्र (स्वयं लिखित पत्र द्वारा)
मुख्य आरोप जबरन नमाज पढ़ाना, शौचालय साफ कराना, खेल गतिविधियों का अभाव
जांच एजेंसी उत्तराखंड बाल अधिकार संरक्षण आयोग एवं शिक्षा विभाग
डेडलाइन 20 अप्रैल 2026 तक रिपोर्ट प्रस्तुत करना अनिवार्य

Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad