अंकिता भंडारी हत्याकांड: 8 फरवरी को देहरादून में ‘महापंचायत’; 40 संगठनों ने कसी कमर
अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय की मांग को लेकर 8 फरवरी 2026 को देहरादून के परेड ग्राउंड में होने वाली ‘महापंचायत’ के लिए प्रदेश भर में लामबंदी तेज हो गई है। ‘अंकिता न्याय यात्रा संयुक्त संघर्ष मंच’ के बैनर तले आयोजित इस बैठक में 40 से अधिक संगठनों ने हिस्सा लेकर सरकार के खिलाफ हुंकार भरी है।
इस महापंचायत की रणनीति और मुख्य मांगों का विवरण नीचे दिया गया है:
देहरादून में हुई इस महत्वपूर्ण बैठक में राज्य आंदोलनकारियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और विपक्षी दलों ने एकजुट होकर इस महापंचायत को ऐतिहासिक बनाने का संकल्प लिया है।
📋 महापंचायत की मुख्य रणनीति
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नारा: मंच ने प्रदेश भर के लोगों से अपील की है कि “उत्तराखंड के प्रत्येक परिवार से कम से कम दो व्यक्ति” इस महापंचायत में शामिल हों।
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अनुशासन और सुरक्षा: कार्यक्रम को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित बनाए रखने के लिए एक विशेष ‘अनुशासन एवं सुरक्षा समिति’ का गठन किया गया है।
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सहभागिता: पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत समेत कांग्रेस, यूकेडी और अन्य क्षेत्रीय दलों ने इस आयोजन को अपना पूर्ण समर्थन दिया है।
🔍 CBI जांच पर गहराता संदेह
संघर्ष मंच और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने सरकार द्वारा घोषित सीबीआई (CBI) जांच की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए हैं:
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स्पष्टता का अभाव: सामाजिक कार्यकर्ता कमला पंत के अनुसार, सरकार ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि सीबीआई जांच की संस्तुति केंद्र को भेजी गई है या नहीं, और जांच का वास्तविक ‘दायरा’ (Scope) क्या होगा।
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संदेह: मंच का आरोप है कि सीबीआई जांच की घोषणा केवल 11 जनवरी के उत्तराखंड बंद के आंदोलन को कमजोर करने के लिए की गई थी।
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नई मांग: अब संगठन केवल सीबीआई जांच नहीं, बल्कि “सुप्रीम कोर्ट के वर्तमान न्यायाधीश की निगरानी में” केंद्रीय एजेंसी से जांच कराने की मांग कर रहे हैं।
🗣️ प्रमुख प्रतिक्रियाएं
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संजय शर्मा (पूर्व अध्यक्ष, लोक सेवा आयोग): बैठक में मौजूद रहकर उन्होंने न्याय प्रक्रिया में पारदर्शिता की वकालत की।
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प्रदीप कुकरेती (राज्य आंदोलनकारी मंच): उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने केवल पत्र लिखकर औपचारिकता पूरी की है, जबकि केंद्र सरकार इस अति संवेदनशील मामले पर गंभीर नजर नहीं आ रही है।
📍 बैठक के मुख्य बिंदु एक नजर में
| विषय | विवरण |
| दिनांक एवं स्थान | 8 फरवरी, परेड ग्राउंड, देहरादून। |
| आयोजक | अंकिता न्याय यात्रा संयुक्त संघर्ष मंच। |
| प्रमुख मांग | सिटिंग सुप्रीम कोर्ट जज की निगरानी में CBI जांच। |
| समर्थन | 40+ सामाजिक संगठन और सभी प्रमुख विपक्षी दल। |

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