अर्जुन हत्याकांड: संपत्ति और लालच ने ममता का गला घोंटा; मां ने ही दी थी बेटे की हत्या की सुपारी
देहरादून: अर्जुन शर्मा हत्याकांड रिश्तों के कत्ल की एक ऐसी खौफनाक कहानी बनकर उभरा है, जहां करोड़ों की संपत्ति के मोह में एक मां ही अपने बेटे की दुश्मन बन गई। संपत्ति विवाद के चलते मां ने अपनी ममता को किनारे कर बेटे को रास्ते से हटाने के लिए शूटरों को मोटी रकम की सुपारी दे डाली।
⛽ विवाद की जड़: करोड़ों की गैस एजेंसी और जमीन
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विरासत: अर्जुन के पिता, कर्नल रमेश चंद्र शर्मा, 38 वर्ष की आयु में सेवा के दौरान शहीद हो गए थे। इसके बाद सरकार ने उनकी पत्नी बीना शर्मा को आजीविका हेतु एक गैस एजेंसी आवंटित की थी।
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स्वामित्व: यह गैस एजेंसी और संबंधित जमीन अर्जुन और उसकी मां बीना शर्मा के संयुक्त नाम पर थी।
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कलह: इसी बेशकीमती पैतृक संपत्ति को लेकर मां-बेटे के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था, जो कोर्ट-कचहरी और पुलिस थानों तक जा पहुँचा था।
💰 करोड़ों का लेनदेन और विनोद उनियाल की भूमिका
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गहरा रिश्ता: बीना शर्मा का अपने पुराने परिचित विनोद उनियाल के साथ पिछले 15-20 वर्षों से घनिष्ठ संबंध था।
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वित्तीय हेराफेरी: बीना शर्मा ने जीएमएस रोड स्थित अपनी संपत्ति की डील डॉ. अजय खन्ना के साथ 14 करोड़ रुपये में की थी।
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पैसे का ट्रांसफर: अब तक प्राप्त 08 करोड़ रुपये बीना शर्मा ने विनोद उनियाल के खातों में ट्रांसफर कर दिए थे।
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कोर्ट का स्टे: अर्जुन शर्मा ने अपनी मां द्वारा बेची गई इस संपत्ति पर न्यायालय से स्टे (Stays) ले लिया था, जिससे खरीदार डॉ. अजय खन्ना परेशान था और बीना पर पैसे वापस करने का दबाव बना रहा था।
🔫 ₹12 लाख में तय हुआ सौदा, ₹3 लाख दिए एडवांस
जब अर्जुन संपत्ति के रास्ते का रोड़ा बन गया, तो बीना शर्मा, विनोद उनियाल और डॉ. अजय खन्ना ने मिलकर उसकी हत्या की साजिश रची:
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शूटरों की हायरिंग: हत्या के लिए पंकज राणा और उसके भाई राजीव राणा (निवासी कोटद्वार, वर्तमान चक्खुवाला) को हायर किया गया। पंकज, विनोद उनियाल का ड्राइवर था।
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सुपारी की रकम: अर्जुन को रास्ते से हटाने के लिए 12 लाख रुपये का सौदा तय हुआ।
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पेमेंट: साजिशकर्ताओं ने दोनों भाइयों को 03 लाख रुपये एडवांस के तौर पर दिए थे, जबकि बाकी रकम काम होने के बाद देनी थी।
🛡️ सुरक्षा के बीच भी रची गई साजिश
हैरानी की बात यह है कि बीना शर्मा ने खुद को अर्जुन से खतरा बताते हुए उच्च न्यायालय से सुरक्षा मांगी थी और उनकी सुरक्षा में एक महिला पुलिसकर्मी भी तैनात थी। विवाद के कारण अर्जुन वसंत विहार में किराए के मकान में अलग रहने लगा था, लेकिन फिर भी वह अपनी मां की साजिश से बच नहीं सका।

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