भीमताल: गुलदार ने महिला को बनाया अपना शिकार; जंगल में मिला क्षत-विक्षत शव
क्षेत्र में दहशत के बीच ग्रामीणों का भारी आक्रोश
नैनीताल के भीमताल क्षेत्र से एक बार फिर दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। गुलदार का आतंक इस कदर बढ़ गया है कि मवेशियों के लिए चारा लेने गई एक और महिला वन्यजीव संघर्ष की भेंट चढ़ गई। इस घटना ने वन विभाग की सुरक्षा व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
नैनीताल/भीमताल (4 अप्रैल 2026): भीमताल, धारी और ओखलकांडा ब्लॉक में दिसंबर से जारी ‘गुलदार के आतंक’ ने एक और जान ले ली है। ताजा घटना के बाद गुस्साए ग्रामीणों ने वन विभाग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
1. घटना का घटनाक्रम: घास लेने गई थी महिला
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लापता: दोपहर के समय महिला अपने मवेशियों के लिए चारा (घास) लेने पास के जंगल में गई थी।
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खोजबीन: शाम तक घर न लौटने पर परिजनों ने तलाश शुरू की, लेकिन कोई सुराग न मिलने पर पुलिस और वन विभाग को सूचित किया गया।
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शव की बरामदगी: रात में चलाए गए संयुक्त सर्च अभियान के दौरान जंगल के भीतर महिला का क्षत-विक्षत शव बरामद हुआ। प्रारंभिक साक्ष्यों के अनुसार, गुलदार ने घात लगाकर हमला किया और महिला को घसीटते हुए जंगल ले गया।
2. खौफनाक आंकड़े: 4 महीनों में 4 मौतें
भीमताल और आसपास के क्षेत्रों में मानव-वन्यजीव संघर्ष अब बेकाबू होता जा रहा है:
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दिसंबर से अब तक: भीमताल, धारी और ओखलकांडा क्षेत्रों में गुलदार के हमलों में अब तक चार महिलाओं की जान जा चुकी है।
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विभाग की कार्रवाई: डीएफओ के अनुसार, अब तक क्षेत्र से छह गुलदारों को पकड़कर रेस्क्यू सेंटर भेजा जा चुका है, लेकिन इसके बावजूद नए गुलदारों की सक्रियता कम नहीं हो रही है।
3. ग्रामीणों का आरोप: “अनसुनी रही हमारी पुकार”
स्थानीय ग्रामीणों में वन विभाग के प्रति गहरा गुस्सा है। ग्रामीणों का आरोप है कि:
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बार-बार पिंजरा लगाने और गश्त बढ़ाने की मांग को विभाग ने गंभीरता से नहीं लिया।
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क्षेत्र में दहशत का माहौल है और लोग अपने घरों से बाहर निकलने, खेती करने या मवेशियों को चराने जाने से डर रहे हैं।
4. वन विभाग का अगला कदम
डीएफओ आकाश गंगवार ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया:
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डीएनए सैंपलिंग: हमलावर गुलदार की सटीक पहचान के लिए मृतका के डीएनए सैंपल लिए जा रहे हैं।
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पिंजरा और गश्त: प्रभावित गांव में तत्काल पिंजरा लगाने के निर्देश दिए गए हैं और वन कर्मियों की गश्त बढ़ा दी गई है।
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सावधानी: प्रशासन ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे अकेले जंगल की ओर न जाएं और शाम के समय सतर्क रहें।

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