वन्यजीव तस्करी पर बड़ा प्रहार; गुलदार की खाल के साथ तस्कर गिरफ्तार, पुलिस और वन विभाग की संयुक्त कार्रवाई

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चंपावत | 20 फरवरी, 2026: उत्तराखंड के चंपावत जनपद में वन्यजीव तस्करों के विरुद्ध पुलिस और वन विभाग को एक और बड़ी कामयाबी मिली है। चल्थी चेक पोस्ट पर चलाए गए सघन चेकिंग अभियान के दौरान टीम ने एक व्यक्ति को गुलदार (Leopard) की खाल के साथ रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।


🔍 चल्थी चेक पोस्ट पर हुई गिरफ्तारी

यह कार्रवाई सटीक मुखबिर की सूचना पर पुलिस, एसओजी (SOG) और वन विभाग द्वारा संयुक्त रूप से की गई:

  • संदेह और तलाशी: चल्थी पुल की ओर से आ रहे एक व्यक्ति को संदिग्ध पाए जाने पर रोका गया। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से गुलदार की एक खाल बरामद हुई।

  • आरोपी की पहचान: गिरफ्तार व्यक्ति का नाम ईश्वर राम उर्फ दीपक (43 वर्ष) है, जो तल्ली खटोली (चंपावत) का निवासी बताया जा रहा है।

  • विभागीय कार्रवाई: पुलिस ने अभियुक्त को खाल समेत वन विभाग के सुपुर्द कर दिया है, जहाँ उसके विरुद्ध वन्यजीव संरक्षण अधिनियम की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।

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👮 नेटवर्क को खंगालने में जुटी टीमें

वन रेंजर गुलजार हुसैन के अनुसार, इस गिरफ्तारी के बाद अब बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश करने की तैयारी है:

  • जांच: पुलिस और वन विभाग यह पता लगा रहे हैं कि गुलदार का शिकार कहाँ किया गया और इस खाल को कहाँ सप्लाई किया जाना था।

  • सख्ती: अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि वन्यजीवों के अवैध शिकार और तस्करी में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।

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🐢 पिछली कार्रवाई: कछुओं की तस्करी का मामला

वन्यजीव तस्करी का यह मामला प्रदेश में चल रहे व्यापक अभियान का हिस्सा है। गौरतलब है कि पिछले महीने रुद्रपुर (ऊधम सिंह नगर) में भी पुलभट्टा पुलिस ने यूपी-उत्तराखंड बॉर्डर से 91 दुर्लभ कछुओं के साथ 4 अंतरराज्यीय तस्करों (जिनमें दो महिलाएं शामिल थीं) को गिरफ्तार किया था।


📊 वन्यजीव अधिनियम के तहत मुख्य बिंदु

विवरण जानकारी
आरोपी ईश्वर राम उर्फ दीपक (चंपावत)
बरामदगी गुलदार (Leopard) की एक खाल
कानूनी धाराएं वन्य जीव संरक्षण अधिनियम 1972 (संशोधित 2002)
संलिप्त टीमें चल्थी पुलिस, एसओजी और वन विभाग
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सावधानी: उत्तराखंड का हिमालयी क्षेत्र जैव विविधता के लिए जाना जाता है, लेकिन तस्करों की सक्रियता वन विभाग के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वन्यजीवों से जुड़ी किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल विभाग को दें।