उत्तराखंड के तीर्थों पर बड़ा फैसला: गंगोत्री धाम में ‘गैर-हिंदुओं’ का प्रवेश वर्जित, बदरी-केदार के लिए भी उठेगा कदम
देहरादून/गंगोत्री: देवभूमि उत्तराखंड के विश्वप्रसिद्ध गंगोत्री धाम से एक ऐतिहासिक घोषणा की गई है। श्री गंगोत्री मंदिर समिति ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया है कि अब धाम परिसर में गैर-हिंदुओं का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। यह मांग अब बदरीनाथ और केदारनाथ समेत उत्तराखंड के अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों तक भी पहुंच गई है।
🏛️ गंगोत्री और मुखबा में पाबंदी लागू
श्री गंगोत्री मंदिर समिति के अध्यक्ष सुरेश सेमवाल ने स्पष्ट किया:
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सहमति: यह फैसला तीर्थ पुरोहितों और मंदिर समिति की सर्वसम्मति से लिया गया है।
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विस्तार: केवल मुख्य गंगोत्री धाम ही नहीं, बल्कि मां गंगा के शीतकालीन प्रवास स्थल मुखबा में भी गैर-हिंदुओं का प्रवेश वर्जित रहेगा।
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उद्देश्य: सनातन धर्म की परंपराओं और पवित्रता को अक्षुण्ण बनाए रखना।
🏔️ बदरी-केदार धाम में भी तैयारी
गंगोत्री के फैसले के बाद अब बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) भी इसी राह पर है:
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बोर्ड बैठक: बीकेटीसी के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने बताया कि आगामी बोर्ड बैठक में बदरीनाथ और केदारनाथ धाम में भी गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर रोक लगाने का प्रस्ताव लाया जाएगा।
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अगला कदम: बोर्ड से प्रस्ताव पारित होने के बाद इसे शासन और मुख्यमंत्री के समक्ष अंतिम मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।
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हर की पैड़ी का उदाहरण: हरिद्वार के गंगा घाटों और हर की पैड़ी पर पहले से ही इस तरह के प्रतिबंध लागू हैं, जिसे आधार मानकर अन्य धामों में भी इसे लागू करने की मांग हो रही है।
🎤 मुख्यमंत्री धामी और सरकार का रुख
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस संवेदनशील विषय पर सरकार का रुख स्पष्ट किया है:
“पवित्र धाम हमारी आस्था के केंद्र हैं। यहां जो भी कार्य होगा, वह पौराणिक मान्यताओं और संस्कृति के अनुरूप ही होगा। मंदिर समिति या तीर्थ पुरोहितों की ओर से जो भी प्रस्ताव आएंगे, सरकार सभी पहलुओं का अध्ययन कर उन पर ठोस निर्णय लेगी। हम सनातन धर्म की पवित्रता बनाए रखने के लिए हर संभव कदम उठाएंगे।”
🌊 हरिद्वार में बढ़ी मांग
हरिद्वार में पहले से ही प्रमुख स्थलों पर गैर-हिंदुओं का प्रवेश वर्जित है, लेकिन अब धार्मिक संस्थाओं ने सरकार से मांग की है कि:
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पूरा कुंभ क्षेत्र: केवल कुछ घाट ही नहीं, बल्कि पूरे कुंभ मेला क्षेत्र को ही गैर-हिंदुओं के लिए प्रतिबंधित किया जाए।
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पुराना एक्ट: सरकार हरिद्वार के पुराने नियमों और एक्ट का अध्ययन कर रही है ताकि इसे और मजबूती से लागू किया जा सके।
📋 मुख्य बिंदु: एक नजर में
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गंगोत्री धाम: प्रवेश पर रोक का फैसला लागू।
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बदरी-केदार: जल्द ही बोर्ड में प्रस्ताव लाया जाएगा।
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हरिद्वार: पूरे कुंभ क्षेत्र में प्रतिबंध की मांग तेज।
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सरकार: आस्था और परंपराओं के संरक्षण के लिए सकारात्मक रुख।

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