बजट 2026: उत्तराखंड की ‘विकास एक्सप्रेस’ के लिए 9 बड़ी उम्मीदें
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज (1 फरवरी, 2026) अपना लगातार 9वां आम बजट पेश कर रही हैं। उत्तराखंड के लिए यह बजट इसलिए भी ऐतिहासिक है क्योंकि राज्य 2027 में होने वाले महाकुंभ (अर्धकुंभ) की तैयारियों के मुहाने पर खड़ा है और अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनावों की आहट भी सुनाई दे रही है।
उत्तराखंड की ‘9 बड़ी उम्मीदों’ और बजट के मुख्य पहलुओं का संक्षिप्त विवरण नीचे दिया गया है:
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पहले ही स्पष्ट किया है कि केंद्र के सहयोग से राज्य में ₹3.5 लाख करोड़ की योजनाएं चल रही हैं। आज के बजट से इन विशिष्ट क्षेत्रों में “बूस्टर डोज” की उम्मीद है:
1. 🕉️ हरिद्वार कुंभ 2027 के लिए विशेष पैकेज
राज्य सरकार ने कुंभ के भव्य आयोजन के लिए केंद्र से लगभग ₹3,472 करोड़ की मांग की है। इसमें स्थायी बुनियादी ढांचे (सड़क, पुल, अस्पताल) और अस्थायी व्यवस्थाओं के लिए विशेष केंद्रीय सहायता अपेक्षित है।
2. 🚨 आपदा राहत और पुनर्निर्माण
हिमालयी राज्य होने के नाते उत्तराखंड आपदाओं के प्रति संवेदनशील है। उम्मीद है कि बुनियादी ढांचे के नुकसान की भरपाई के लिए SDRF के नियमों में ढील मिलेगी और पुनर्निर्माण के लिए अतिरिक्त शत-प्रतिशत केंद्रीय फंड आवंटित होगा।
3. 🐾 मानव-वन्यजीव संघर्ष रोकथाम
खेती को बचाने और इंसानी जानों की सुरक्षा के लिए ‘क्लस्टर आधारित तारबंदी’ और सोलर फेंसिंग के लिए केंद्र से विशेष अनुदान की मांग की गई है।
4. 📈 पूंजीगत सहायता (SASCI)
पिछले वर्ष (2025-26) में राज्य को ₹1,806.49 करोड़ की अतिरिक्त सहायता मिली थी। राज्य को उम्मीद है कि बुनियादी विकास के लिए यह ब्याज मुक्त ऋण सहायता इस वर्ष भी जारी रहेगी।
5. 🏘️ फ्लोटिंग आबादी के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर
उत्तराखंड की अपनी आबादी करीब 1.25 करोड़ है, लेकिन हर साल यहाँ 7 करोड़ पर्यटक/श्रद्धालु आते हैं। इस ‘फ्लोटिंग पॉपुलेशन’ के बोझ को सहने के लिए सीवरेज, पानी और कचरा प्रबंधन हेतु विशेष बजट की मांग है।
6. 👵 पेंशन योजनाओं में केंद्रांश वृद्धि
समाज कल्याण विभाग की वृद्धावस्था पेंशन में केंद्र का हिस्सा ₹200 से बढ़ाकर ₹500 करने की उम्मीद है, जिससे राज्य के 5.61 लाख बुजुर्गों को सीधा लाभ मिलेगा।
7. 💧 जल संरक्षण और भूजल रिचार्ज
जलवायु परिवर्तन के कारण सूखते जलस्रोतों को पुनर्जीवित करने के लिए ‘स्प्रिंगशेड’ विकास हेतु एक समर्पित केंद्रीय योजना की आस है।
8. ⚡ पावर सब्सिडी और दुर्गम परियोजनाएं
दुर्गम क्षेत्रों में जल विद्युत परियोजनाओं की उच्च लागत को देखते हुए राज्य को ₹8,000 करोड़ की सहायता (₹2 करोड़ प्रति मेगावाट की दर से) की अपेक्षा है।
9. 🛣️ सीमांत क्षेत्रों के लिए ‘वाइब्रेंट विलेज’
चीन सीमा से लगे गांवों में पलायन रोकने और पर्यटन बढ़ाने के लिए ‘वाइब्रेंट विलेज’ और ‘मानसखण्ड’ गलियारे के लिए बड़े बजटीय प्रावधान की उम्मीद है।
📺 बजट का सीधा प्रसारण और जन-भागीदारी
भाजपा ने इस बजट को ‘लोक-बजट’ बनाने के लिए पूरे प्रदेश में 78 स्थानों पर लाइव स्क्रीन लगाई हैं। पार्टी का उद्देश्य है कि आम जनता सीधे वित्त मंत्री के भाषण से जुड़े और अपनी योजनाओं को समझे।
मुख्य बिंदु: वित्त मंत्री के भाषण के दौरान ₹1.5 लाख करोड़ के ब्याज मुक्त ऋण (राज्यों के लिए) की घोषणा उत्तराखंड जैसे राज्यों के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकती है।

अपने मोबाइल पर ताज़ा अपडेट पाने के लिए -
👉 हमारे व्हाट्सएप ग्रुप को ज्वाइन करें

