देहरादून: गर्ल्स हॉस्टल की तीसरी मंजिल से गिरी छात्रा का मामला; घटना के 14 दिन बाद 4 साथी छात्राओं पर हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज

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देहरादून, 17 जून 2026: राजधानी देहरादून के राजपुर थाना क्षेत्र स्थित एक प्रतिष्ठित प्राइवेट इंस्टीट्यूट के गर्ल्स हॉस्टल में छात्रा के संदिग्ध परिस्थितियों में ऊंचाई से गिरने के मामले में पुलिस ने बड़ा विधिक कदम उठाया है। घटना के $14$ दिन बीत जाने और छात्रा की स्थिति अत्यंत नाजुक बने होने के बाद, पुलिस ने पीड़ित पिता (नौसेना के पूर्व सैनिक) की लिखित शिकायत के आधार पर एनडीए (NDA) की तैयारी कर रही चार सहपाठी छात्राओं के खिलाफ संगीन धाराओं में आपराधिक मुकदमा पंजीकृत कर लिया है। पुलिस प्रशासन ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए गहन विधिक जांच शुरू कर दी है।

तीसरी मंजिल की बालकनी से नीचे गिरी थी दलीशा; 14 दिन बाद भी नहीं आया होश

विधिक शिकायत और पुलिस से प्राप्त प्राथमिक जानकारी के अनुसार, उत्तर प्रदेश के आगरा निवासी राहुल भगोरे (भारतीय नौसेना के पूर्व सैनिक) की पुत्री दलीशा भगोरे देहरादून के एक निजी संस्थान से एनडीए की कोचिंग ले रही थीं और राजेश्वर नगर स्थित गर्ल्स हॉस्टल में रह रही थीं।

  • घटना का विवरण: बीते $4$ जून २०२६ की देर रात परिजनों को विडिंग सूचना मिली कि दलीशा हॉस्टल की तीसरी मंजिल की बालकनी से रहस्यमय परिस्थितियों में नीचे गिर गई हैं।

  • अस्पताल में वेंटिलेटर पर: गंभीर रूप से चोटिल होने के कारण दलीशा को तुरंत एक निजी अस्पताल के आईसीयू (ICU) में भर्ती कराया गया था। पीड़ित पिता के अनुसार, घटना के $14$ दिन बीत जाने के बाद भी उनकी बेटी को होश नहीं आया है और वह आज भी जीवन और मौत के बीच जूझ रही है।

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पिता का आरोप: सहेलियों के बयान संदिग्ध, धक्का दिए जाने की आशंका

नौसेना के पूर्व सैनिक राहुल भगोरे ने $5$ जून को ही राजपुर थाने में विधिक तहरीर दे दी थी। उनका आरोप है कि घटना के बाद से दलीशा की सहेलियों और रूममेट्स द्वारा जो कहानियां और बयान सामने आ रहे हैं, वे पूरी तरह विरोधाभासी और विधिक रूप से संदिग्ध प्रतीत हो रहे हैं।

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पीड़ित पिता ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि हॉस्टल परिसर के सभी सीसीटीवी (CCTV) फुटेज को तुरंत विधिक कब्जे में लेकर खंगाला जाए और संदिग्ध चारों छात्राओं के बयान कैमरे के सामने (Video Recorded) अलग-अलग दर्ज किए जाएं। पिता ने आशंका व्यक्त की है कि हॉस्टल में आपसी रंजिश या किसी अन्य विवाद के चलते उनकी बेटी को बालकनी से धक्का देकर नीचे गिराया गया हो सकता है।

BNS की संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज; बयानों की होगी वीडियो रिकॉर्डिंग

लगातार उठ रहे विधिक सवालों और प्राथमिक जांच के आधार पर राजपुर थाना पुलिस ने आखिरकार चारों आरोपी छात्राओं के विरुद्ध विधिक कार्रवाई की गति बढ़ा दी है। मामले की विधिक प्रगति स्पष्ट करते हुए प्रभारी थाना राजपुर पीड़ी भट्ट ने बताया:

“पीड़ित पिता राहुल भगोरे की ओर से प्राप्त विधिक शिकायत के आधार पर हॉस्टल में साथ रहने वाली चार नामजद छात्राओं के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 109(1) [हत्या का प्रयास] और धारा 238 [साक्ष्यों/सबूतों से छेड़छाड़] के अंतर्गत विधिक मुकदमा पंजीकृत कर लिया गया है। चूंकि मामला बेहद संवेदनशील है और सभी छात्राएं एनडीए परीक्षा की तैयारी कर रही हैं, इसलिए पुलिस वैज्ञानिक साक्ष्यों, फॉरेंसिक इनपुट, सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग और छात्राओं के विधिक बयानों के आधार पर घटना की वास्तविक और वास्तविक विधिक परिस्थितियों की गहनता से तफ्तीश कर रही है।”

विधिक जानकारों के अनुसार, धारा २३८ (साक्ष्य मिटाना) का लागू होना यह दर्शाता है कि घटना के बाद कार्यस्थल या हॉस्टल के कमरे में कुछ विधिक साक्ष्यों से छेड़छाड़ की कोशिश की आशंका है, जिसकी पुष्टि फॉरेंसिक जांच के बाद ही हो सकेगी। फिलहाल, पुलिस मामले से जुड़े हर पहलू पर विधिक नजर बनाए हुए है।

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