चैत्र नवरात्रि 2026: किस समय करें कन्या पूजन? महाअष्टमी और कन्या पूजन का संपूर्ण विवरण
इस वर्ष नवरात्रि 19 मार्च से शुरू होकर 27 मार्च तक चलेंगे। महाअष्टमी का पर्व उदया तिथि की मान्यता के अनुसार 26 मार्च 2026 (गुरुवार) को मनाया जाएगा।
1. शुभ मुहूर्त और तिथियां (एक नज़र में)
| आयोजन | तिथि | समय (पंचांग अनुसार) |
| अष्टमी तिथि प्रारंभ | 25 मार्च 2026 | दोपहर 1:50 बजे से |
| अष्टमी तिथि समापन | 26 मार्च 2026 | सुबह 11:48 बजे तक |
| मुख्य पूजा (उदया तिथि) | 26 मार्च 2026 | गुरुवार |
2. कन्या पूजन के श्रेष्ठ मुहूर्त (26 मार्च)
शास्त्रों के अनुसार शुभ मुहूर्त में किया गया पूजन विशेष फलदायी होता है:
-
प्रथम मुहूर्त (प्रातः काल): सुबह 6:18 बजे से 7:50 बजे तक।
-
द्वितीय मुहूर्त (अभिजित काल के समीप): सुबह 10:55 बजे से दोपहर 3:31 बजे तक।
3. कन्या पूजन की विधि और महत्व
-
आयु सीमा: 2 से 10 वर्ष की कन्याओं को मां दुर्गा का स्वरूप माना जाता है।
-
पूजन प्रक्रिया: कन्याओं के चरण धोकर उन्हें ऊंचे आसन पर बिठाएं, माथे पर कुमकुम का तिलक लगाएं और कलाई पर रक्षा सूत्र बांधें।
-
भोजन: पारंपरिक रूप से हलवा, पूरी और काले चने का भोग लगाया जाता है।
-
उपहार: सामर्थ्य अनुसार दक्षिणा या उपहार देकर उनके चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लें।
-
विशेष: यदि आप अष्टमी पर पूजन नहीं कर पा रहे हैं, तो 27 मार्च (शुक्रवार) को राम नवमी के अवसर पर भी कन्या पूजन करना उतना ही शुभ माना जाता है।
अष्टमी पूजन के विशेष लाभ
“मां महागौरी की पूजा से भक्तों के सभी संचित पाप नष्ट हो जाते हैं और साधक को अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है। श्वेत वस्त्र धारण करने वाली मां का यह स्वरूप शांति और करुणा का प्रतीक है।”

अपने मोबाइल पर ताज़ा अपडेट पाने के लिए -
👉 हमारे व्हाट्सएप ग्रुप को ज्वाइन करें

