देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय से चार अत्याधुनिक एंबुलेंस का फ्लैग ऑफ किया। यह पहल उत्तराखंड के दूरस्थ और पर्वतीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। निजी क्षेत्र की सहभागिता से शुरू हुई यह सेवा विशेष रूप से उन क्षेत्रों के लिए वरदान साबित होगी जहां त्वरित चिकित्सा सहायता पहुंचना कठिन होता है।
अंतिम छोर तक स्वास्थ्य सुविधा पहुंचाना लक्ष्य: CM
एम्बुलेंस को हरी झंडी दिखाने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का संकल्प अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधाएं पहुंचाना है। उन्होंने एचडीएफसी बैंक की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि निजी संस्थाओं द्वारा सीएसआर (CSR) के माध्यम से किया जा रहा सहयोग सामाजिक उत्तरदायित्व का बेहतरीन उदाहरण है। सीएम ने बैंक अधिकारियों से आगामी हरिद्वार कुंभ और अन्य आपदा संभावित क्षेत्रों के लिए भी इसी तरह की अतिरिक्त सेवाएं उपलब्ध कराने की अपेक्षा जताई।
तीन साल तक चिकित्सक और स्टाफ की व्यवस्था भी रहेगी मुफ्त
बैंक अधिकारियों ने बताया कि इन एंबुलेंसों को आधुनिक आपातकालीन उपकरणों से लैस किया गया है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि आगामी तीन वर्षों तक प्रत्येक एंबुलेंस में चिकित्सक, नर्स, अटेंडेंट और चालक की तैनाती भी बैंक द्वारा ही सुनिश्चित की जाएगी। इससे स्वास्थ्य विभाग पर अतिरिक्त मानव संसाधन का बोझ नहीं पड़ेगा और मरीजों को मौके पर ही बेहतर प्राथमिक उपचार मिल सकेगा।
इन जनपदों को मिलेगा प्राथमिक लाभ
प्रारंभिक चरण में इन चार एंबुलेंसों को उत्तराखंड के सीमांत और दुर्गम जिलों के लिए तैनात किया गया है, जिनमें शामिल हैं:
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चमोली
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चंपावत
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पिथौरागढ़
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रुद्रप्रयाग
भविष्य में इन सेवाओं का उपयोग प्रमुख धार्मिक आयोजनों और आपदा प्रबंधन कार्यों में भी किया जाएगा। इस अवसर पर विधायक राजकुमार पोरी, विनोद कंडारी, अपर सचिव मनमोहन मैनाली सहित एचडीएफसी बैंक के जोनल हेड बकुल सिक्का, स्टेट हेड गौरव जैन और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
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