बिंदुखत्ता को राजस्व ग्राम बनाने की मांग तेज़, कांग्रेस ने मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन

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लालकुआं: बिंदुखत्ता क्षेत्र को वनाधिकार अधिनियम (Forest Rights Act) के तहत शीघ्र राजस्व ग्राम बनाने की मांग को लेकर कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने लालकुआं तहसील के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रेषित किया है।

कांग्रेस ने इस ज्ञापन में निम्नलिखित मुख्य माँगें और चिंताएं रखी हैं:

📜 ज्ञापन के प्रमुख बिंदु

  1. अधिसूचना जारी करने की मांग: वनाधिकार अधिनियम 2006 के तहत बिंदुखत्ता के सामूहिक दावों के संबंध में पूर्व डीएलसी (District Level Committee) की रिपोर्ट के आधार पर शीघ्र ही राजस्व ग्राम की अधिसूचना जारी की जाए।

  2. सरकारी योजनाओं का लाभ: राजस्व ग्राम न होने के कारण क्षेत्र की जनता राज्य सरकार की कई लाभकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त नहीं कर पा रही है।

  3. पुरानी फाइल का वापस आना: वनाधिकार अधिनियम के तहत राजस्व ग्राम बनाने की जो फाइल पूर्ण प्रक्रिया के तहत जिला स्तर से शासन को भेजी गई थी, उसका पुनः उपखंड स्तर पर वापस आना दुःखद है।

  4. मुख्यमंत्री की घोषणा को विलोपित करना: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री द्वारा बिंदुखत्ता को राजस्व ग्राम बनाने की जो घोषणा की गई थी, उसे विलोपित करना क्षेत्र की जनता के साथ विश्वासघात है, जिससे लोगों में भय और आक्रोश है।

  5. सामूहिक दावों को निरस्त करने का प्रयास: ज्ञापन में कहा गया है कि बिंदुखत्ता के सामूहिक दावों को भी नियम विरुद्ध निरस्त किए जाने के प्रयास किए जा रहे हैं, जो सरासर गलत है।

⚠️ आंदोलन की चेतावनी

कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही बिंदुखत्ता राजस्व ग्राम की अधिसूचना जारी नहीं की गई, तो क्षेत्र की जनता अपना अधिकार पाने के लिए सड़कों पर जन आंदोलन शुरू कर देगी

ज्ञापन देने वालों में शामिल:

बिंदुखत्ता कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष पुष्कर दानू, बीना जोशी, प्रमोद कॉलोनी, भुवन पांडे, राजेंद्र सिंह खनवाल, हरेंद्र सिंह बोरा, सोमेंद्र सिंह बिष्ट, गुरदयाल सिंह मेहरा समेत भारी संख्या में कांग्रेसी कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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