उत्तराखंड: परिवार रजिस्टर अनियमितताओं पर धामी सरकार का सख्त एक्शन, 2003 से अब तक की होगी जांच
उत्तराखंड में परिवार/कुटुंब रजिस्टर में सामने आई गंभीर अनियमितताओं को लेकर धामी सरकार ने शनिवार को उच्चस्तरीय बैठक में सख्त एक्शन लेने का निर्णय लिया है। सरकार ने यह फैसला पंचायती राज विभाग के चौंकाने वाले आंकड़ों के बाद लिया है, जिनमें बड़ी संख्या में आवेदनों को नियमों के उल्लंघन और अधूरे दस्तावेजों के कारण निरस्त किया गया है।
🔍 जांच का दायरा और सुरक्षा उपाय
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बैठक में निम्नलिखित सख्त निर्देश जारी किए:
-
जांच का दायरा: वर्ष 2003 से अब तक परिवार रजिस्टर की व्यापक, निष्पक्ष और तय समय पर जांच कराई जाएगी।
-
अभिलेखों की सुरक्षा: सभी जिलों में उपलब्ध परिवार/कुटुंब रजिस्टरों की प्रतियां तत्काल संबंधित जिलाधिकारी (DM) के पास सुरक्षित रखी जाएंगी, ताकि रिकॉर्ड में किसी भी तरह की छेड़छाड़ की संभावना न रहे।
-
जांच का स्तर: परिवार रजिस्टरों की गहन जांच CDO/ADM स्तर पर कराए जाने का निर्णय लिया गया है।
-
कठोर कार्रवाई: फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नाम दर्ज कराने वालों के विरुद्ध नियमानुसार विभागीय और कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
📊 पंचायती राज विभाग के आंकड़े (1 अप्रैल – 31 दिसंबर 2025)
फर्जी प्रविष्टियों की आशंका पंचायती राज विभाग द्वारा प्रस्तुत इन आंकड़ों से बल पाती है:
| विवरण | संख्या |
| नए परिवार जोड़ने हेतु प्राप्त आवेदन | 2,66,294 |
| स्वीकृत आवेदन | 2,60,337 |
| निरस्त आवेदन (नियम उल्लंघन/अधूरे दस्तावेज़ के कारण) | 5,429 |
निरस्त आवेदनों की बड़ी संख्या ने अनियमितताओं की ओर ध्यान खींचा है।
🗺️ जनसांख्यिकीय संतुलन पर चिंता
बैठक में यह तथ्य भी सामने आया कि बीते कुछ वर्षों में राज्य की सीमा से लगे मैदानी जनपदों के ग्रामीण इलाकों में अनधिकृत बसावट हुई है। इस अनधिकृत बसावट के आधार पर परिवार रजिस्टर में नाम दर्ज होने से राज्य के जनसांख्यिकीय संतुलन प्रभावित होने की आशंका रही है। इसी पृष्ठभूमि में, सरकार द्वारा परिवार रजिस्टर से संबंधित नियमावली में संशोधन की जरूरत महसूस की गई है।
📜 नाम दर्ज करने का अधिकार
मुख्यमंत्री ने परिवार रजिस्टर से संबंधित कानूनी अधिकारों को भी स्पष्ट किया:
-
नाम दर्ज करने का अधिकार: सहायक विकास अधिकारी (पंचायत)।
-
अपील का अधिकार: उप जिलाधिकारी (SDM)।
-
सेवाएं: वर्तमान में ये सेवाएं ‘अपणी सरकार पोर्टल’ के माध्यम से भी उपलब्ध हैं।

अपने मोबाइल पर ताज़ा अपडेट पाने के लिए -
👉 हमारे व्हाट्सएप ग्रुप को ज्वाइन करें

