‘धरतीपुत्र’ का जवाब: जब धामी ने हरदा को भेंट किया अपने खेत का चावल

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उत्तराखंड की सियासत में शुक्रवार को एक ऐसा वाकया हुआ, जिसने यह साबित कर दिया कि राजनीति केवल बयानों और तंज का अखाड़ा नहीं, बल्कि कभी-कभी ‘विनम्र जवाब’ और ‘संस्कारों’ की पाठशाला भी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने धुर विरोधी और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत को जो ‘चावल’ भेंट किया, उसकी खुशबू पूरे सियासी गलियारों में चर्चा का विषय बनी हुई है।

इस मुलाकात के पीछे छिपे गहरे सियासी मायनों को आप इस तरह समझ सकते हैं:

यह कहानी शुरू हुई थी 5 जुलाई 2025 को, जब मुख्यमंत्री धामी ने अपने गांव नगलातराई में हल जोतते हुए एक फोटो साझा की थी। तब हरीश रावत ने चुटकी लेते हुए उन्हें राहुल गांधी का ‘नकलची’ बताया था। शुक्रवार को धामी ने बिना कुछ बोले, उसी खेत की उपज से हरदा के तंज का मीठा जवाब दे दिया।

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🤝 शिष्टाचार और ‘सियासी मिठास’

शुक्रवार शाम मुख्यमंत्री धामी का काफिला अचानक हरीश रावत के आवास की ओर मुड़ गया। इस मुलाकात के मुख्य बिंदु रहे:

  • सप्रेम भेंट: धामी अपने साथ नगलातराई के खेतों में उपजा सुगंधित चावल का एक कट्टा लेकर आए थे।

  • बड़ों का सम्मान: धामी ने हरदा का अभिवादन किया और उनके स्वास्थ्य व दीर्घायु होने की कामना की।

  • हरदा का आभार: पूर्व सीएम हरीश रावत ने भी इस आत्मीयता को सहर्ष स्वीकार किया और धामी के इस व्यवहार की सराहना की।


🌾 तंज का ‘सुगंधित’ जवाब

छह महीने पहले लगे आरोपों का जवाब धामी ने शब्दों से नहीं, बल्कि परंपरा और माटी से दिया:

  1. नकली बनाम असली: रावत के ‘अनुसरण’ वाले तंज पर धामी ने यह संदेश दिया कि उन्हें खेत में हल चलाने के लिए किसी की नकल करने की जरूरत नहीं है। यह उनकी जड़ें हैं।

  2. जमीन से जुड़ाव: चावल भेंट करते समय धामी ने कहा कि यह “उत्तराखंड की कृषि परंपरा और किसानों की मेहनत का प्रतीक है।”

  3. संदेश: मुख्यमंत्री ने विरोधियों को स्पष्ट कर दिया कि सियासत की ऊंचाइयों तक पहुँचने से पहले उन्होंने खेतों में पसीना बहाया है और वे एक असली ‘धरतीपुत्र’ हैं।

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🎖️ कोश्यारी को बधाई

हरदा से मिलने से पहले मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी के आवास पर भी गए थे:

  • पद्मभूषण: कोश्यारी को पद्मभूषण सम्मान मिलने पर धामी ने उन्हें पुष्पगुच्छ भेंट कर बधाई दी।

  • मार्गदर्शन: धामी ने इसे पूरे उत्तराखंड के लिए गौरव का क्षण बताया।

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📋 उत्तराखंड की ‘सभ्य’ राजनीति का उदाहरण

घटना पात्र संदेश
हल जोतना धामी अपनी जड़ों और खेती से जुड़ाव।
तंज (जुलाई 2025) हरीश रावत धामी को ‘नकलची’ कहना।
उपहार (जनवरी 2026) धामी माटी और मेहनत का प्रमाण देकर तंज का मौन जवाब।

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