
सड़क, भूमिधरी, बाढ़ सुरक्षा और खनन श्रमिकों के मुद्दे उठाए, मुख्यमंत्री ने दिए कार्रवाई के निर्देश
राजू अनेजा,देहरादून/लालकुआं। लालकुआं विधानसभा क्षेत्र की विभिन्न जनसमस्याओं को लेकर पूर्व विधायक नवीन चन्द्र दुम्का सोमवार को मुख्यमंत्री आवास पहुंचे और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात कर क्षेत्र के कई लंबे समय से लंबित मामलों को प्रमुखता से उठाया। दुम्का ने सड़क, भूमिधरी, बाढ़ सुरक्षा कार्यों तथा खनन श्रमिकों के हितों से जुड़े मुद्दों पर शीघ्र कार्रवाई की मांग की। मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
डोल सड़क से लेकर जमरानी नहर तक उठाए विकास कार्यों के मुद्दे
मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान नवीन दुम्का ने अपने पैतृक गांव डोल की सड़क निर्माण का मामला प्रमुखता से रखा। इसके अलावा जयपुरबीसा-तेजपुर नेगी क्षेत्र में जमरानी नहर की कवरिंग तथा ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार की मांग भी मुख्यमंत्री के समक्ष रखी। दुम्का ने कहा कि वर्षों से लंबित इन कार्यों के पूरा होने से हजारों ग्रामीणों को सीधा लाभ मिलेगा।
बाढ़ से क्षतिग्रस्त टंच बैरियर के पुनर्निर्माण की मांग
दुम्का ने नंधौर-चोरगलिया क्षेत्र में बाढ़ से क्षतिग्रस्त हुए टंच बैरियर का मामला भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने मुख्यमंत्री को बताया कि बैरियर के क्षतिग्रस्त होने से क्षेत्र में सुरक्षा संबंधी खतरे बढ़ गए हैं और बरसात के दौरान स्थानीय लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने बैरियर के पुनर्निर्माण के लिए तत्काल स्वीकृति देने की मांग की।
भूमिधरी अधिकारों के लंबित मामलों का उठाया मुद्दा
पूर्व विधायक ने लालकुआं क्षेत्र की लीज निरस्त भूमि के विनियमीकरण तथा भूमिधरी अधिकारों से जुड़े मामलों को भी मुख्यमंत्री के सामने रखा। उन्होंने कहा कि शासन की विभिन्न प्रक्रियाओं और जांचों के बाद अनेक पात्र लोगों द्वारा निर्धारित धनराशि जमा कर दी गई है, लेकिन इसके बावजूद वर्षों से भूमिधरी अधिकारों का मामला अधर में लटका हुआ है। उन्होंने इस संबंध में जिलाधिकारी नैनीताल द्वारा शासन को भेजी गई पत्रावली पर शीघ्र निर्णय लेने की मांग की।
खनन श्रमिकों के लिए फिर से बीमा और मुआवजा योजना लागू करने की मांग
दुम्का ने गौला और नंधौर नदी में खनन कार्य से जुड़े पंजीकृत श्रमिकों की समस्याओं को भी मुख्यमंत्री के समक्ष रखा। उन्होंने कहा कि पूर्व में दुर्घटना की स्थिति में श्रमिकों के लिए बीमा और क्षतिपूर्ति की व्यवस्था थी, लेकिन वर्तमान में दुर्घटना में मृत्यु होने के बाद भी प्रभावित परिवारों को राहत नहीं मिल पा रही है। उन्होंने श्रमिक हित में पूर्व की भांति बीमा और मुआवजा व्यवस्था बहाल करने की मांग की।
पूर्व विधायक ने खनन क्षेत्र में दुर्घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि जोखिम भरे माहौल में काम करने वाले श्रमिकों और उनके परिवारों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने मृतक श्रमिकों के आश्रितों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के लिए प्रभावी व्यवस्था लागू करने की मांग की।
मुख्यमंत्री ने दिए त्वरित कार्रवाई के निर्देश
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दुम्का द्वारा उठाए गए सभी मुद्दों को गंभीरता से सुना और संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि जनहित से जुड़े मामलों का प्राथमिकता के आधार पर परीक्षण कर उनका समाधान कराया जाएगा।
मौजूदा विधायक के कामकाज से असंतोष या जनता की पैरवी? दुम्का की सक्रियता ने बढ़ाई सियासी चर्चा
पूर्व विधायक नवीन दुम्का की मुख्यमंत्री से हुई मुलाकात केवल जनसमस्याओं तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसने लालकुआं की राजनीति में भी नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है। जिन मुद्दों को लेकर दुम्का मुख्यमंत्री दरबार पहुंचे, वे सभी वर्तमान विधायक मोहन सिंह बिष्ट के विधानसभा क्षेत्र से जुड़े हुए हैं। ऐसे में राजनीतिक गलियारों में इस मुलाकात को लेकर कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि एक ही पार्टी से जुड़े होने के बावजूद क्षेत्रीय मुद्दों पर दुम्का की बढ़ती सक्रियता कई संदेश दे रही है। समर्थकों का कहना है कि जनता की समस्याओं को शासन तक पहुंचाना उनका दायित्व है, जबकि राजनीतिक हलकों में इसे क्षेत्रीय राजनीति में बढ़ती सक्रियता और भविष्य की रणनीति के रूप में भी देखा जा रहा है।
फिलहाल लालकुआं की सियासत में मुख्यमंत्री आवास पर हुई यह मुलाकात चर्चा का विषय बनी हुई है। जनसमस्याओं को लेकर पूर्व विधायक की सक्रियता और मौजूदा राजनीतिक समीकरणों के बीच यह मुलाकात आने वाले दिनों में भी राजनीतिक हलकों में चर्चा का केंद्र बनी रह सकती है।
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