गौला नदी में इस उपखनिज निकासी गेट पर ओवरलोड को लेकर हंगामा, हुई अनुमन्य क्षमता के अनुसार ही उपखनिज निकासी

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हल्द्वानी :  गौला नदी के शीशमहल उपखनिज निकासी गेट पर ओवरलोड को लेकर हंगामा हो गया। वाहन स्वामी 108 क्विंटल उपखनिज की मांग पर अड़ गए जबकि वन विकास निगम वाहनों की क्षमता के अनुसार ही उपखनिज देने की बात करने लगा। काफी देर तक निकासी प्रभावित हुई, हालांकि बाद में अनुमन्य क्षमता के अनुसार ही उपखनिज निकासी हुई।

गौला नदी के शीशमहल उपखनिज निकासी गेट पर शनिवार को वाहन खनन के लिए पहुंचे। वन निगम अधिकारियों के अनुसार, परिवहन विभाग से इन सभी वाहनों को अधिकतम 65 क्विंटल उपखनिज ले जाना अनुमन्य था लेकिन ये वाहन स्वामी 108 क्विंटल के लिए अड़ गए और हंगामा काटना शुरू कर दिया।

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चेतावनी दी कि यदि 108 क्विंटल की अनुमति नहीं मिलती है तो वे वाहन नदी में नहीं ले जाएंगे। बाद में किसी तरह वाहन नदी में पहुंचे और निर्धारित क्षमता 65 क्विंटल से अधिक उपखनिज भर लाए। ओवरलोड के लिए जिद करने लगे लेकिन वन निगम ने ओवरलोड से साफ इंकार कर दिया। इसको लेकर वाहन स्वामी और वन निगम कर्मचारियों की तीखी बहस और हंगामा हुआ। वन निगम ने नियमों का हवाला देते हुए ओवरलोड से इंकार कर दिया। बाद में वाहन स्वामी अनुमन्य क्षमता के अनुसार ही  उपखनिज नदी से लेकर रवाना हुए।

डीएलएम धीरेश बिष्ट ने बताया कि गौला नदी के वाहनों में ओवरलोड नहीं होने दिया जाएगा। वाहन स्वामियों ने ओवरलोड को लेकर हंगामा काटा था लेकिन वन निगम ने ओवरलोडिंग नहीं करने दी। यदि कोई वाहन ओवरलोडिंग करता है तो नियमानुसार एक दिन की निकासी बंद की जाएगी।

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बंद रहेगा खनन 
वन विकास निगम के डीएलएम डीएस बिष्ट ने बताया कि रविवार को साप्ताहिक बंदी और अगले दिन प्रभु श्री राम की जन्मभूमि अयोध्या में उनके मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा पर्व की वजह से सार्वजनिक अवकाश है। इस वजह से गौला नदी में खनन नहीं होगा।

खनन मजदूरों को जलौनी लकड़ी व कंबल बांटने की मांग
गौला खनन मजदूर संघर्ष समिति ने शनिवार को वन विकास निगम के डीएलएम दफ्तर में ज्ञापन सौंप कर गौला खनन मजदूरों को कंबल व जलौनी लकड़ी देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि भीषण सर्दी में मजदूर खनन कर रहे हैं इसलिए उन्हें मजदूर और जलौनी लकड़ी दिया जाना जरूरी है।

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आरोप लगाया कि मजदूरों को अब तक दस्ताने और अन्य सामग्री भी नहीं दी गई है। चेतावनी दी गई कि यदि जल्द ही लकड़ी व कंबल नहीं बांटे गए तो उग्र आंदोलन होगा। इस दौरान राजेंद्र सिंह बिष्ट, तारा कोरंगा, राहुल, राजेश बिष्ट, राजकुमार सिंह मौजूद रहे।

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