जंगल गई महिला पर हाथी का जानलेवा हमला; अस्पताल पहुँचने से पहले तोड़ा दम, वन विभाग ने दिया ₹3 लाख का मुआवजा
टनकपुर (चंपावत) | 20 फरवरी, 2026: शारदा वन रेंज में मानव-वन्यजीव संघर्ष की एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। दीवान चौकी के पास जंगल में लकड़ी लेने गई एक महिला पर हाथी ने हमला कर उसे मौत के घाट उतार दिया। इस घटना के बाद से सीमांत क्षेत्र के ग्रामीणों में दहशत और वन विभाग के प्रति चिंता बनी हुई है।
🪵 कैसे हुई घटना?
घटना टनकपुर के नई बस्ती (वार्ड संख्या 5) क्षेत्र की है:
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जंगल का रुख: मृतका माधुरी (पत्नी भूपराम) अन्य स्थानीय महिलाओं के साथ सेनापानी मार्ग स्थित दीवान चौकी के पास सूखी लकड़ी लेने गई थीं।
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अचानक हमला: झाड़ियों में घात लगाकर बैठे एक हाथी ने अचानक महिलाओं के समूह पर हमला कर दिया। अन्य महिलाएं तो भागने में सफल रहीं, लेकिन हाथी ने माधुरी को अपनी चपेट में ले लिया।
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चीख-पुकार: महिलाओं के शोर मचाने के बाद हाथी महिला को छोड़कर घने जंगल की ओर भाग गया, लेकिन तब तक माधुरी गंभीर रूप से घायल हो चुकी थीं।
🏥 अस्पताल में मृत घोषित, मुआवजे का ऐलान
सूचना मिलते ही वन विभाग और पुलिस की टीम मौके पर पहुँची और घायल महिला को टनकपुर उप जिला अस्पताल ले जाया गया:
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मेडिकल अपडेट: अस्पताल में डॉक्टरों ने जांच के बाद माधुरी को मृत घोषित कर दिया।
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प्रशासनिक मौजूदगी: एसडीएम और सीएम कैंप कार्यालय के अधिकारियों समेत भारी पुलिस बल अस्पताल पहुँचा।
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तात्कालिक राहत: हल्द्वानी से टनकपुर पहुँचे डीएफओ कुंदन कुमार ने पीड़ित परिवार को सांत्वना दी और वन्यजीव अधिनियम के तहत फौरी तौर पर 3 लाख रुपये का चेक सौंपा। कुल मुआवजा प्रक्रिया के तहत आगे की धनराशि भी जल्द जारी की जाएगी।
📊 वन विभाग की रणनीति और अपील
मानव-वन्यजीव संघर्ष की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए विभाग ने सुरक्षा बढ़ा दी है:
| अधिकारी | उठाए गए कदम / निर्देश |
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| कुंदन कुमार (DFO) | हाथियों की लगातार डिजिटल और फिजिकल मॉनिटरिंग के निर्देश। |
| सुनील शर्मा (वन क्षेत्राधिकारी) | गश्त (Patrolling) बढ़ा दी गई है और मूवमेंट वाले रास्तों को चिह्नित किया जा रहा है। |
| सावधानी की अपील | ग्रामीणों से अकेले जंगल न जाने और समूहों में भी सतर्क रहने को कहा गया है। |
⚠️ बढ़ता खतरा और ग्रामीणों की मांग
हाथी के हमले के बाद नई बस्ती और आसपास के इलाकों में लोग डरे हुए हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि:
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हाथियों की आवाजाही वाले क्षेत्रों में सोलर फेंसिंग या स्थायी सुरक्षा दीवार बनाई जाए।
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आबादी वाले क्षेत्रों के पास गश्त और अधिक प्रभावी की जाए।
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घने झाड़ीदार रास्तों की सफाई कराई जाए ताकि जंगली जानवरों को छिपने का मौका न मिले।
चेतावनी: प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान में हाथियों की मूवमेंट संवेदनशील बनी हुई है, इसलिए ग्रामीण शाम के समय और अकेले जंगली क्षेत्रों की ओर जाने से बचें।

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