शिक्षण संस्थान के नाम पर लिए गये 15 करोड़ रुपये के चंदे मामले पर लाल पिले हुए पूर्व राज्यपाल कोश्यारी ने कही ये बड़ी बात , आरोपी के खिलाफ मानहानि के मुकदमे की भी तैयारी

Former Governor Koshyari in red over donation case of Rs 15 crore taken in the name of educational institution, preparation of defamation case against the accused

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राजू अनेजा,मुम्बई।विगत दिनों पूर्व शिक्षण संस्थान के नाम पर लिए गये 15 करोड़ रुपये के चंदे मामले पर कड़ी नाराजगी जाहिर करते हुए  पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने आरोपी के खिलाफ मानहानि का मुकदमा करने की तैयारी शुरू कर दी है।

 

पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने बताया कि मुंबई के आर.टी.आई. कार्यकर्ता अनिल गलगली द्वारा मेरे व मेरे परिवार जनों के बारे में पिछले दिनों एक अनर्गल समाचार का मीडिया व सोसल मीडिया द्वारा प्रसार किया जा रहा है। गलगली द्वारा प्रचार किया जा रहा है कि मैंने अपनी शिक्षण संस्था के लिए अनन्त अम्बानी से 15 करोड़ का चन्दा लिया गया।

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वस्तुतः मेरी कोई भी शिक्षण संस्था है ही नहीं मुम्बई राजभवन में मुझ से सम्धान्त जनों से लेकर सामान्य नागरिक तक मिलते रहते थे इसी क्रम में राजभवन मुम्बई में अनन्त अम्बानी से कुछ देर के लिए भेंट हुई थी। मैंने अम्बानी से अखिल भारतीय शिक्षण संस्था विद्याभारती द्वारा नैनीताल में स्थित पार्वती प्रेमा जगाती सरस्वती विहार सीनियर हायर सेकण्डरी स्कूल व उसकी शिक्षण शाखाओं हेतु सीएसआर फण्ड से सहयोग की अपील की।

अम्बानी ने तत्काल उक्त शिक्षण संस्था हेतु 15 करोड़ रू० का दान सीएसआर के अन्तर्गत दिया गया। उक्त शिक्षण संस्था में मेरे अथवा मेरे परिवार का कोई भी सदस्य नहीं है यह विद्यालय लगभग 40 वर्ष से चल रहा है तथा इसकी शाखायें भी पर्याप्त समय से चल रहीं हैं।

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एक समाजिक राजनैतिक कार्यकर्ता के नाते किसी भी एम.एल.ए. एम.पी. या मंत्री आदि द्वारा समय 2 पर शिक्षा स्वास्थ्य आदि जनोपयोगी सामाजिक कार्यों के लिए सी. एस. आर. अथवा आयकर के 80जी के अन्तर्गत सहयोग लिया जाता रहा है हमारे उत्तराखण्ड के द्वितीय राज्यपाल सुदर्शन ने तो अपने समय मेघनी मानी लोगों से लेकर सामान्य जन से हिमज्योति स्कूल के लिए सहयोग लिया गया। आज भी यह विद्यालय दूरस्थ इलाकों के बच्चों को शिक्षा दे रहा है।

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गलगली द्वारा यह कहना कि मुम्बई के लिए गये आर्थिक सहयोग से मेरे भतीजे दीपेन्द्र द्वारा जमीन खरीदने व रिजार्ट बनाने जैसे मनगढन्त आरोप लगा कर गलगली ने हमारे सम्मान को गहरी चोट पहुँचाई है मैं स्वयं एवं दीपेन्द्र इस संबंध तथा शीध ही अनिल गलगली व इस मामले में कानूनी परामर्श ले रहे हैं, सम्मान को आघात पहुंचाने वाले सामाचार पत्रों के विरुद्ध कानूनी व न्यायिक कार्यवाही की जायेगी।

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