
राजू अनेजा,हल्द्वानी। गल्ला मंडी में पत्थरों से सिर कुचलकर युवक और युवती की निर्मम हत्या ने शहर को सनसनी से सन्नाटे में धकेल दिया है। खून से सने पत्थर, क्षत-विक्षत शव और सुनसान गोदामों के बीच मिला यह मंजर किसी सुनियोजित साजिश की कहानी कहता नजर आ रहा है। पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल है—आखिर दोनों वहां कैसे पहुंचे और उनके बीच रिश्ता क्या था?
सुबह डायल 112 पर सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची तो युवक और युवती के चेहरे बुरी तरह कुचले हुए थे। वार इतने बेरहमी से किए गए कि पहचान तक मुश्किल हो जाए। यह गुस्से का उफान था या पहचान मिटाने की साजिश—जांच का विषय है।
नशे की लत से संघर्ष कर काउंसलर बने शुभम
31 वर्षीय शुभम टम्टा, जो कभी नशे की गिरफ्त में था, बाद में नशा मुक्ति केंद्र में काउंसलर बनकर दूसरों को नई राह दिखा रहा था। परिवार का कहना है कि उसने जिंदगी को पटरी पर लाने की कोशिश की थी। लेकिन उसकी यह नई शुरुआत इस तरह खत्म होगी, किसी ने सोचा भी नहीं था।
मेडिकल स्टोर में काम करने वाली होनहार छात्रा
19 वर्षीय लक्ष्मी, एमबीपीजी कॉलेज की बीएससी द्वितीय वर्ष की छात्रा, पढ़ाई के साथ मेडिकल स्टोर में काम कर परिवार का सहारा बन रही थी। परिजनों के मुताबिक वह बेहद होशियार और लक्ष्य के प्रति समर्पित थी।
अब सवाल यह कि इतनी रात को वह किससे मिलने गल्ला मंडी पहुंची? क्या वह अकेले गई थी या किसी ने बुलाया था?
घटनास्थल क्या कहता है?
घटनास्थल से खून से सने पत्थर बरामद हुए हैं। फोरेंसिक टीम ने सैंपल एकत्र किए हैं। प्राथमिक जांच में यह संकेत मिले हैं कि वारदात देर रात की है। पुलिस यह भी देख रही है कि क्या दोनों की हत्या मौके पर ही की गई या उन्हें कहीं और से लाकर यहां फेंका गया।
आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, ताकि यह पता चल सके कि दोनों वहां कैसे पहुंचे और उनके साथ कोई तीसरा व्यक्ति था या नहीं।
क्या प्रेम प्रसंग बना वजह?
जांच का एक एंगल प्रेम प्रसंग का भी है।
क्या दोनों के बीच निजी संबंध थे?
क्या किसी तीसरे व्यक्ति को यह नागवार गुजरा?या फिर मृतका से मिलने के बहाने दोनों को सुनसान जगह बुलाकर पहले से घात लगाए बैठे कातिल ने वारदात को अंजाम दिया?
सुनियोजित हत्या की भी आशंका
सबसे गंभीर आशंका यह भी है कि कहीं कातिल ने संयोजित तरीके से दोनों को अलग-अलग बहाने से मौके पर तो नहीं बुलाया?
गल्ला मंडी जैसी रात में वीरान जगह का चयन क्या पहले से तय था?
हत्या की शैली भी जांच के घेरे में
जिस तरह से पत्थरों से चेहरे कुचले गए, उससे पुलिस यह भी परख रही है कि हमलावर परिचित था या नहीं। अक्सर पहचान मिटाने की कोशिश उन मामलों में होती है जहां कातिल पहचान उजागर होने से डरता है।
क्या हत्या के पीछे कोई गहरी रंजिश या दबा हुआ राज छिपा है?
हर एंगल पर पुलिस की पैनी नजर
पुलिस कॉल डिटेल रिकॉर्ड, मोबाइल लोकेशन, सोशल मीडिया चैट और सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है। दोनों के परिचितों और दोस्तों से पूछताछ की जा रही है। यह भी देखा जा रहा है कि क्या दोनों के बीच पहले से संपर्क था या हाल ही में बातचीत शुरू हुई थी।परिजन खुलासे की मांग कर रहे हैं। शहर जवाब चाहता है।
क्या यह दो युवाओं की निजी कहानी का दुखद अंत है?या फिर हल्द्वानी की सड़कों पर रची गई कोई ठंडी और सोची-समझी साजिश?
जब तक सच सामने नहीं आता, गल्ला मंडी की वह रात शहर के दिल में खौफ बनकर धड़कती रहेगी।

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