हरदोई: प्रहलाद नगरी जन कल्याण समिति ने की हिंदू नववर्ष मनाने की अपील; शिवम द्विवेदी बोले— “चैत्र प्रतिपदा ही है हमारी नई चेतना का प्रतीक”

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हरदोई (15 मार्च 2026): प्रहलाद नगरी जन कल्याण समिति के अध्यक्ष शिवम द्विवेदी ने समस्त भारतवासियों और सनातन धर्म के अनुयायियों से आगामी हिंदू नववर्ष को हर्षोल्लास के साथ मनाने की अपील की है। उन्होंने इस दिवस के धार्मिक और वैज्ञानिक महत्व पर विशेष जोर दिया।

1. सनातन परंपरा और वैदिक आधार

शिवम द्विवेदी ने अपने संबोधन में कहा कि भारत एक ऐसा देश है जिसकी पहचान उसकी प्राचीन सनातन परंपराओं से है। उन्होंने स्पष्ट किया कि:

  • वैदिक व्यवस्था: हमारा वास्तविक नववर्ष चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से प्रारंभ होता है।

  • सृष्टि का आरंभ: पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इसी पवित्र दिन ब्रह्मा जी ने सृष्टि की रचना शुरू की थी।

2. नवसंस्कार और नई चेतना का संदेश

उन्होंने अपील करते हुए कहा कि यह नववर्ष केवल कैलेंडर बदलने का दिन नहीं है, बल्कि यह:

  • नवसंकल्प: जीवन में नए और सकारात्मक लक्ष्यों को निर्धारित करने का समय है।

  • नई चेतना: प्रकृति और अध्यात्म के संगम के साथ नई ऊर्जा के संचरण का प्रतीक है।

3. उत्सव मनाने का आह्वान

समिति के अध्यक्ष ने लोगों से आग्रह किया कि वे अपने घरों को सजाएं, धार्मिक अनुष्ठान करें और नई पीढ़ी को भारतीय कालगणना (विक्रम संवत) के महत्व के बारे में शिक्षित करें।


Snapshot: हिंदू नववर्ष अपील

विवरण जानकारी
वक्ता शिवम द्विवेदी (संस्थापक/अध्यक्ष, प्रहलाद नगरी जन कल्याण समिति)
अवसर हिंदू नववर्ष (चैत्र प्रतिपदा)
मुख्य संदेश सनातन परंपरा और वैदिक व्यवस्था का गौरव
स्थान हरदोई, उत्तर प्रदेश

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