हरीश रावत का सरकार पर प्रहार: “धामी सरकार खुद बदल रही है उत्तराखंड की डेमोग्राफी”; वन ग्रामों के हक के लिए तहसील में हुंकार
रामनगर (13 मार्च 2026): उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी बाहरी राज्यों के लोगों को यहाँ बसाकर प्रदेश की मूल पहचान और जनसांख्यिकी (Demography) को संकट में डाल रहे हैं। रावत ने कहा कि जो जमीनें राज्य के युवाओं के भविष्य के काम आतीं, उन्हें बाहरी लोगों को लीज पर दिया जा रहा है।
1. “डेमोग्राफी बदलने का असली जिम्मेदार कौन?”
हरीश रावत ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा:
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बाहरी लोगों का निवेश: सरकार ऐसे लोगों को राज्य में जमीनें खरीदवा रही है जिनका कोई अता-पता नहीं है। इससे राज्य का स्वरूप बदल रहा है।
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लीज पर जमीन: उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य के बच्चों के लिए सुरक्षित रखी जाने वाली जमीनों को बाहरी लोगों को लीज पर सौंपकर उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।
2. वन ग्रामों के मुद्दे पर भाजपा और सांसद को घेरा
वन ग्रामों (सुंदरखाल, पुछड़ी आदि) को राजस्व गांव का दर्जा न मिलने पर रावत ने सांसद अनिल बलूनी और केंद्र सरकार पर निशाना साधा:
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कानून की अनदेखी: वर्ष 2007 में कांग्रेस द्वारा बनाए गए ‘वन अधिकार कानून’ का हवाला देते हुए रावत ने कहा कि भाजपा ने गरीबों को हक देने वाले इस कानून को कूड़े के ढेर में फेंक दिया है।
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सांसद पर तंज: उन्होंने कहा कि सांसद अनिल बलूनी उसी राजनीतिक नस्ल से आते हैं जिनकी सोच गरीबों के लिए नहीं है। भाजपा ने गरीबों के दर्द को समझने के बजाय उन्हें ‘अतिक्रमणकारी’ करार दे दिया है।
3. भ्रष्टाचार और 2027 का चुनाव
आगामी विधानसभा चुनावों की ओर इशारा करते हुए हरीश रावत ने भ्रष्टाचार के मुद्दे पर भी सरकार को आड़े हाथों लिया:
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भ्रष्टाचार का चरम: उन्होंने दावा किया कि वर्तमान में उत्तराखंड में जितना भ्रष्टाचार हो रहा है, उतना पहले कभी नहीं हुआ।
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ईश्वरीय न्याय की अपील: भावुक होते हुए रावत ने कहा कि “यदि इस भ्रष्टाचार और दमन के बाद भी 2027 में भाजपा सत्ता में आती है, तो लगेगा कि ऊपर वाला सो गया है।”
Snapshot: रावत की पदयात्रा और मुख्य आरोप
| विवरण | जानकारी |
| मुख्य मुद्दा | वन ग्रामों को राजस्व गांव का दर्जा और मालिकाना हक |
| निशाने पर | सीएम पुष्कर सिंह धामी और सांसद अनिल बलूनी |
| गंभीर आरोप | बाहरी लोगों को बसाकर डेमोग्राफी बदलना और भ्रष्टाचार |
| नेतृत्व में शामिल | संजय नेगी (उपज्येष्ठ प्रमुख), मंजू नेगी, पुष्कर दुर्गापाल आदि |
| यात्रा का मार्ग | रामनगर महाविद्यालय से तहसील परिसर तक |

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