फरवरी में ‘मई’ जैसी तपन: नैनीताल में टूटा गर्मी का रिकॉर्ड; अल-नीनो बढ़ाएगा आफत

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नैनीताल: पहाड़ों में इस बार फरवरी के महीने में ही अप्रैल और मई जैसी गर्मी का एहसास होने लगा है। चटक धूप और बढ़ते तापमान ने न केवल स्थानीय निवासियों को हैरान किया है, बल्कि वैज्ञानिकों ने भी आने वाले दिनों में भीषण गर्मी और कम बारिश की चेतावनी जारी की है।


📈 तापमान का गणित: सामान्य से काफी ऊपर

आमतौर पर फरवरी में मौसम सुहावना या ठंडा रहता है, लेकिन इस बार आंकड़े चिंताजनक हैं:

  • वर्तमान स्थिति: नैनीताल में अधिकतम तापमान 21°C और न्यूनतम 9°C तक पहुँच गया है।

  • सामान्य मानक: इस समय अधिकतम तापमान 16°C और न्यूनतम 7°C के आसपास रहना चाहिए।

  • सर्दियों का हाल: इस पूरे सीजन में पारा केवल 4 दिन ही 6°C तक गिर पाया, जो ग्लोबल वार्मिंग का स्पष्ट संकेत है।

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🌊 अल-नीनो (El Niño) और जलवायु परिवर्तन

‘एरीज’ (ARIES) के वरिष्ठ विज्ञानी डॉ. नरेंद्र सिंह के अनुसार, मौसम के इस बदले मिजाज के पीछे मुख्य कारण क्लाइमेट चेंज है:

  1. अल-नीनो की सक्रियता: इस वर्ष अल-नीनो सक्रिय होने जा रहा है, जिसका असर मानसून के आसपास और गहरा होगा।

  2. कम बारिश का खतरा: अल-नीनो के कारण इस साल मानसून के दौरान सामान्य से कम बारिश होने की आशंका है।

  3. हिमालयी क्षेत्र पर असर: जलवायु परिवर्तन का सबसे संवेदनशील असर हिमालयी क्षेत्रों में ही देखने को मिल रहा है, जहाँ मौसम का चक्र पूरी तरह गड़बड़ा गया है।

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वीकेंड पर उमड़े सैलानी: पर्यटन कारोबार में उछाल

गर्मी और सुहावने आसमान के बीच सरोवर नगरी नैनीताल सैलानियों से गुलजार रही:

  • रौनक लौटी: पिछले 12 दिनों की मंदी के बाद इस वीकेंड पर पर्यटकों की संख्या में भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई।

  • पसंदीदा जगह: नैनी झील में नौका विहार और मॉल रोड पर टहलते सैलानियों ने पर्यटन कारोबारियों को बड़ी राहत दी है।

  • धूप का असर: रविवार को धूप इतनी चटक थी कि लोग पहाड़ों में भी छांव तलाशते नजर आए।

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⚠️ आने वाले दिनों का अनुमान

मौसम विभाग के अनुसार, फिलहाल आसमान में हल्के बादलों की आवाजाही बनी रहेगी, लेकिन तापमान में बड़ी गिरावट की उम्मीद कम है। पहाड़ों में समय से पहले बढ़ती गर्मी जल स्रोतों के सूखने और वनाग्नि (Forest Fire) के खतरों को भी बढ़ा सकती है।

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