उत्तराखंड में परिवार से बिछड़ी आंध्र प्रदेश की बुजुर्ग महिला, गूगल ट्रांसलेट की मदद से फिर मिली पाई अपने परिजनों से

खबर शेयर करें -

खराब मौसम के कारण केदारनाथ से लौटते समय अपने परिवार से बिछड़ी आंध्र प्रदेश की 68 वर्षीय महिला गूगल ट्रांसलेट की मदद से अपने परिजनों से मिल पाई।

एक अधिकारी ने बताया कि गौरीकुंड शटल पार्किंग में मंगलवार की रात स्थानीय पुलिस को महिला बेहोशी की हालत में मिली।

उन्होंने बताया कि तेलुगु भाषी बुजुर्ग महिला पुलिस कर्मियों के साथ हिंदी या अंग्रेजी में संवाद करने में असमर्थ थी।

यह भी पढ़ें 👉  नैनीताल में आफत की बारिश: खतरे के निशान को नियंत्रित करने नैनीझील के खोले गए गेट, भूस्खलन से 15 मार्ग बंद, मौसम विभाग का 'येलो अलर्ट' जारी

उप-निरीक्षक रमेश चंद्र बेलवाल ने बताया, “जब हमने उससे बात करने की कोशिश की तो हमने महसूस किया कि वह हिंदी या अंग्रेजी में बात नहीं कर सकती थी। वह केवल तेलुगु बोल रही थी।”

उन्होंने बताया, “इशारों-इशारों में हमने उसे भरोसा दिलाया कि वह अपने परिवार से फिर से मिल जाएगी। हमने उसे कुछ जलपान की पेशकश की और जो कुछ भी वह हमें बताने की कोशिश कर रही थी, उसकी व्याख्या करने के लिए गूगल ट्रांसलेट की मदद ली।”

यह भी पढ़ें 👉  लालकुआं में बर्थडे पार्टी के बहाने दो युवकों का अपहरण: जंगल में बंधक बनाकर बेरहमी से पीटा, पुलिस ने चार आरोपियों को किया गिरफ्तार

बेलवाल ने बताया कि उन्होंने हमें जो नंबर बताया हमने उस पर बात की तो पता चला कि उनके रिश्तेदार सोनप्रयाग में थे और उसके बारे में चिंतित थे।

यह भी पढ़ें 👉  उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के सचल दल ने राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय मानिला का किया औचक निरीक्षण: परीक्षा व्यवस्थाएं पाईं दुरुस्त, प्रवेश संबंधी जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित

अधिकारी ने कहा कि एक वाहन की व्यवस्था की गई और महिला को उसके परिवार से मिलाने के लिए सोनप्रयाग ले जाया गया।

Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad