कैराना तहसील में भाकियू का अनिश्चितकालीन धरना: वन विभाग के नोटिसों के खिलाफ किसानों में उबाल

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शामली: जनपद की कैराना तहसील परिसर में सोमवार को भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के बैनर तले सैकड़ों किसानों, कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों ने अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। यह धरना वन विभाग द्वारा 32 गाँवों के ग्रामीणों को जारी किए गए नोटिसों के विरोध में आयोजित किया गया है।

📢 धरने का कारण और किसानों की मांगें

  • विरोध: किसानों का कहना है कि वन विभाग द्वारा भेजे गए नोटिस पूरी तरह से अन्यायपूर्ण हैं और इससे ग्रामीणों में भय और असमंजस की स्थिति बनी हुई है।

  • दावा: भाकियू पदाधिकारियों ने कहा कि जिन जमीनों पर ग्रामीण वर्षों से काबिज हैं और जिन पर उनकी आजीविका निर्भर है, उन्हें वन भूमि बताकर नोटिस देना सरासर गलत है।

  • आर्थिक दबाव: वक्ताओं ने कहा कि किसान पहले ही महंगाई, बिजली, खाद और फसल के दामों की मार झेल रहे हैं, ऐसे में इस प्रकार की कार्रवाई उनकी परेशानी को और बढ़ा देगी।

  • चेतावनी: यूनियन ने चेतावनी दी है कि जब तक नोटिस वापस नहीं लिए जाते और किसानों की मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया जाता, तब तक धरना-प्रदर्शन जारी रहेगा और आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

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सुबह से ही कैराना तहसील कार्यालय परिसर में किसानों का भारी जुटान शुरू हो गया था, जहाँ उन्होंने सरकार और वन विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

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क्या आप जानना चाहेंगे कि शामली प्रशासन या वन विभाग की ओर से इस धरने को लेकर कोई प्रतिक्रिया आई है या नहीं?