मैसेज में लिखा था, तुम मुझे अच्छी लगती हो नंबर अनब्लॉक करो, मुझसे मिलो… वर्ना अंजाम भुगतना
तूम मुझे अच्छी लगती हो… मैं तुम्हें पसंद करता हूं… मेरा नंबर अनब्लॉक करो और मुझसे मिलो…वर्ना अंजाम भुगतना..। मंगलवार देर रात 2:36 बजे व्हाट्सएप पर ये मैसेज हमलावर ने छात्रा को भेजा था।
छात्रा ने इसे बहुत गंभीरता से नहीं लिया। इस नंबर को भी ब्लॉक कर दिया और सुबह भाई से मिलने पहुंच गई। उसी वक्त शोहदे ने वारदात को अंजाम दे डाला।
छात्रा के पिता के मुताबिक बेटी ने घटना के बाद बताया कि चार पांच दिन से उसके पास अंजान नंबर से कॉल आ रही थी। परेशान होकर उसने उस नंबर को ब्लॉक कर दिया था। तब वह व्हाट्सएप पर काॅल करने लगा। उस पर भी उसने ब्लॉक कर दिया। इसके बाद सिरफिरा शोहदा दूसरे नंबर से व्हाट्सएप कॉल व मैसेज करने लगा। जब कोई जवाब नहीं दिया तब उसने देर रात धमकी भरा मैसेज भेजा। इसके चंद घंटे बाद ही उसने घटना को अंजाम दिया। इससे साफ है कि शोहदे ने एसिड अटैक की साजिश पहले से ही रची थी।
आखिर मोबाइल नंबर कहां से मिला?
पिता कहना है कि सबसे बड़ा सवाल है कि आखिर आरोपी को बेटी का मोबाइल नंबर कहां से मिला? किसी परिचित के जरिये हासिल किया या फिर किसी अन्य जगह से। ये उसके पकड़े जाने के बाद ही पता चल सकेगा। वहीं पीछा करते हुए वह लोहिया पार्क तक पहुंचा, अब सवाल है कि क्या उसको पता था कि सुबह जाने वाली है? या फिर वह पीड़िता के घर के आसपास ही रहता है। इसलिए चेहरा ढक कर आया था। ये तमाम सवाल अनसुलझे हैं।
जांच में पता चलेगा कि एसिड कौन सा था
पीड़ित ने बताया कि बोतल से एसिड फेंका गया है। पुलिस का कहना है कि कोई बोतल बरामद नहीं हुई है। अंदेशा है कि आरोपी बोतल लेकर भागा। अब जब आरोपी की गिरफ्तारी होगी और पुलिस की तफ्तीश पूरी हो जाएगी तब पता चल सकेगा कि एसिड कौन सा था। आशंका है कि क्लीनिंग में इस्तेमाल किया जाने वाला एसिड आरोपी ने फेंका।
छटपटाने लगी पीड़िता, भाई ने पानी डाला
मामले में कई सीसीटीवी फुटेज सामने आए हैं। एक फुटेज एसिड फेंकने के तुरंत बाद का है। इसमें छात्रा छटपटाती दिख रही है। इधर-उधर भाग रही है। उसका भाई बोतल से उसके चेहरे पर पानी डाल रहा है। वह दर्द से चीख रही है। कुछ देर बाद आसपास के लोग इकट्ठा होते हैं। पुलिस को सूचना दी जाती है और फिर उसको अस्पताल पहुंचाया जाता है।
बोला…मेरा नाम अभय वर्मा है
पीड़िता के मुताबिक जब आरोपी उसके पास पहुंचा तो बोला कि उसका नाम अभय वर्मा है। वही उसको कॉल और मैसेज कर रहा था। हालांकि जिस नंबर से पहले कॉल की थी, वह नंबर ट्रू कॉलर पर पवन के नाम से शो हो रहा था। पुलिस एक और पहलू पर तफ्तीश कर रही है कि साजिश में कोई और भी तो शामिल नहीं है। जो पर्दे के पीछे है।
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