
राजू अनेजा,काशीपुर। काशीपुर में जल संस्थान के आंकड़ों ने सिस्टम की पोल खोल दी है। मार्च 2026 तक पानी के बिलों का कुल ₹4.38 करोड़ से अधिक बकाया सामने आया है। चौंकाने वाली बात यह है कि इस भारी भरकम रकम में आम जनता के साथ-साथ कई सरकारी विभाग भी शामिल हैं, जो वर्षों से भुगतान नहीं कर रहे।
➡️ RTI में खुला ‘सिस्टम का राज’
मिस्सरवाला निवासी आरटीआई कार्यकर्ता आसिम अज़हर द्वारा मांगी गई सूचना में यह पूरा मामला सामने आया। दस्तावेजों के अनुसार हजारों कनेक्शनों पर बकाया लंबित है, लेकिन वसूली की कार्रवाई सिर्फ कागजों में ही सिमटी नजर आ रही है।
➡️ पुलिस-पालिका समेत कई विभागों पर लाखों बकाया
आंकड़ों के मुताबिक कोतवाली काशीपुर पर ₹43 लाख से अधिक, नगर पालिका पर ₹19 लाख से ज्यादा, सिंचाई विभाग, पीडब्ल्यूडी, पुलिस चौकियों और अन्य सरकारी कार्यालयों पर भी लाखों रुपये बकाया हैं। यानी जो विभाग कानून और नियमों का पालन करवाते हैं, वही खुद भुगतान में लापरवाही बरत रहे हैं।
➡️ 4978 कनेक्शन, 4127 बकायेदार—फिर भी ढीली वसूली
कुल 4978 जल कनेक्शनों में से 4127 पर बकाया है। विभाग द्वारा 2536 नोटिस जारी किए गए, लेकिन कनेक्शन काटने या सख्त कार्रवाई का कोई स्पष्ट रिकॉर्ड सामने नहीं आया। इससे वसूली प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
➡️ शिकायतें सैकड़ों, जवाब ‘रिकॉर्ड में नहीं’
वर्ष 2021 से अब तक 715 शिकायतें दर्ज होने के बावजूद कई महत्वपूर्ण जानकारियां “अभिलेखों में उपलब्ध नहीं” बताई गईं। इससे विभागीय कार्यप्रणाली और पारदर्शिता दोनों पर संदेह गहराता जा रहा है।
➡️ जिम्मेदारी तय करने की मांग तेज
आसिम अज़हर ने कहा कि जब सरकारी विभाग ही बिल नहीं चुका रहे, तो आम जनता से क्या उम्मीद की जा सकती है। उन्होंने पूरे मामले की जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठाई है।
आम आदमी पर सख्ती, सरकारी दफ्तरों पर नरमी—
आखिर कब वसूले जाएंगे ₹4.38 करोड़ या यूं ही ‘डकार’ जाएंगे सिस्टम के जिम्मेदार?


