आंचल द्वारा “मन की बात“ कार्यक्रम की व्यापक तैयारियां, मन की बात“ के 100 वां संस्करण के व्यापक प्रचार प्रसार हेतु जनपद के 600 से अधिक दुग्ध समितियों व 5 दुग्ध अवशीतन केन्द्रो व के प्रशासनिक भवन में उक्त कार्यक्रम की स्क्रीनिंग के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं
Extensive preparations for “Mann Ki Baat” program by Aanchal, for wide publicity of 100th edition of “Mann Ki Baat”, necessary arrangements for screening of the said program in more than 600 milk committees and 5 milk freezing centers of the district and in the administrative building

राजू अनेजा,लालकुआं। नैनीताल दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ द्वारा *“मन की बात“* कार्यक्रम के 100 वां संस्करण को व्यापक स्तर पर भगीदारी हेतु जनपद के प्रत्येक दुग्ध समितियों एंव दुग्ध अवशीतन केन्दो में स्क्रीनिंग व्यवस्था हेतु नोडल एंव कार्यक्रम प्रभारी नामित किये गये है।
उक्त जानकारी देते हुए नैनीताल दुग्ध संघ अध्यक्ष मुकेश बोरा ने बताया कि 30 अप्रैल को देश के प्रधान मंत्री द्वारा आयोजित *“मन की बात“* के 100 वां संस्करण के व्यापक प्रचार प्रसार हेतु जनपद के 600 से अधिक दुग्ध समितियों व 5 दुग्ध अवशीतन केन्द्रो व लालकुआं के प्रशासनिक भवन में उक्त कार्यक्रम की स्क्रीनिंग के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की गई है । उन्होने बताया कि उक्त कार्यक्रम के सफल संचालन हेतु दुग्ध संघ बोर्ड सदस्य कृष्ण कुमार शर्मा दुग्ध अवशीतन केन्द छोई्, भगवान सिह कुमटिया व महिमन सिंह चैहान कालाढूगी दुग्ध अवशीतन केन्द्र, भवान सिह रौतेला समिति अध्यक्ष दुग्ध अवशीतन केन्द खनस्यू, आनन्द सिह नेगी बेतालघाट दुग्ध अवशीतन केन्द्र, किशन सिह बिष्ट व हेमा देवी हैडियागांव दुग्ध अवशीतन केन्द्र में व प्रशासक यूसीडीएफ मुकेश बोरा, निर्भय नारायण सिह सामान्य प्रबन्धक नैनीताल दुग्ध संघ, प्रबन्ध कमेटी सदस्य चम्पा रैक्वाल, गीता दुम्का राजेन्द्र प्रसाद दुग्ध समितियों के दुग्ध उत्पादको समस्त जनरल मैनेजर डेरी फेडरेशन डॉ एच एस कूटोला, प्रभारी अधिकारी ट्रेनिंग सेंटर डॉ कुमार अजीत समेत कर्मचारी अधिकारियों द्वारा लालकुआं दुग्ध संघ व सहकारी डेरी प्रशिक्षण संस्थान में प्रतिभाग किया जायेगा । श्री बोरा ने कहा कि भारत सरकार द्वारा दिये गये निर्देशों के क्रम में ग्रामीण क्षेत्रों में दुग्ध समिति स्तर से लेकर दुग्ध पर्यवेक्षण का कार्य देख रहे प्रत्येक कार्मिक की उक्त कार्यक्रम के सफल व्यवस्था हेतु जिम्मेदारी निर्धारित की गई है ताकि ग्रामीण स्तर पर अधिक से अधिक दुग्ध उत्पादक *“मन की बात“* कार्यक्रम में भागीदारी कर सके ।

