
राजू अनेजा,हल्द्वानी/बागेश्वर।ज़िंदगी और मौत के बीच पिछले पाँच साल से जंग लड़ रहीं नीमा परिहार (46 वर्ष) आज समाज की मदद की ओर टकटकी लगाए देख रही हैं। बागेश्वर जनपद के गरुड़ क्षेत्र के पय्याँ गांव की मूल निवासी और वर्तमान में हल्द्वानी में रह रहीं नीमा परिहार ब्रैस्ट कैंसर के चौथे चरण (4th स्टेज) से पीड़ित हैं। वर्ष 2021 से लगातार दिल्ली एम्स में उनका इलाज और कीमोथेरेपी चल रही है।
बीमारी ने केवल शरीर ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार की आर्थिक रीढ़ तोड़ दी है। पति चतुर सिंह परिहार, जो पहले एक निजी कंपनी में कार्यरत थे, पत्नी की देखभाल और इलाज के चलते नौकरी छोड़ने को मजबूर हो गए। इलाज की लागत इतनी अधिक रही कि परिवार की जमा-पूंजी, गहने और ज़रूरी सामान तक बिक चुका है।
चतुर सिंह परिहार बताते हैं कि डॉक्टरों ने इलाज जारी रखने की सलाह दी है, लेकिन अब भी करीब 5 लाख रुपये की तत्काल आवश्यकता है। ऐसे में नीमा परिहार और उनका परिवार समाज से भावुक अपील कर रहा है—
“आपका छोटा सा सहयोग हमारी ज़िंदगी बचा सकता है।”
पूर्व में सामाजिक सहयोग से कई ज़िंदगियों को संबल मिला है। उसी उम्मीद के साथ परिवार ने एक बार फिर दरवाज़ा खटखटाया है कि कोई बहन, कोई भाई, कोई हमदर्द आगे आए और इस संघर्ष को थोड़ा आसान बनाए।
ऐसे करें सहयोग
खाता संख्या: 4441557823
IFSC कोड: SBIN0RRUTGB
खाता नाम: Neema Parihar
बैंक: उत्तराखंड ग्रामीण बैंक, धानाचूली
जनपद: नैनीताल

Google Pay: 8859907603 (नीमा परिहार)
संपर्क सूत्र:
📞 9027750392 — चतुर सिंह परिहार (पति)
👉 एक छोटी-सी मदद, किसी के लिए पूरी ज़िंदगी बन सकती है।
👉 आज दिया गया सहयोग, कल किसी मां, पत्नी और बेटी की सांसें बचा सकता है।
अगर चाहें तो मैं इसे और ज्यादा भावुक


