अब खाने की गुणवत्ता से समझौता नहीं, होटल की थाली पर रहेगी खाद्य विभाग की पैनी नजर; कारोबारियों को विभाग की दो टूक

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होटल-रेस्तरां संचालकों को खाद्य सुरक्षा मानकों का दिया गया प्रशिक्षण,एफएसएसएआई नियमों के पालन पर जोर

राजू अनेजा,काशीपुर। आमजन तक शुद्ध, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण भोजन पहुंचाने के उद्देश्य से खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, उत्तराखंड द्वारा होटल एवं रेस्तरां व्यवसाय से जुड़े कारोबारियों, स्वामियों, प्रबंधकों, शेफ तथा कर्मचारियों के लिए खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम-2006 एवं नियम-विनियम 2011 के संबंध में एक जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। होटल अनन्या, काशीपुर में आयोजित कार्यशाला में खाद्य सुरक्षा एवं स्वच्छता मानकों के पालन को लेकर विस्तार से जानकारी दी गई।

सुरक्षित भोजन ही स्वस्थ समाज की नींव : डॉ. कटारिया

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपायुक्त (खाद्य सुरक्षा) कुमाऊं मंडल डॉ. राजेन्द्र सिंह कटारिया ने कहा कि “सुरक्षित आहार-स्वास्थ्य का आधार” है। उन्होंने कहा कि होटल और रेस्तरां व्यवसाय से जुड़े लोगों की जिम्मेदारी केवल भोजन उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि उपभोक्ताओं को सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण एवं पौष्टिक खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराना भी है। उन्होंने खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुपालन, एफएसएसएआई की भूमिका, खाद्य कारोबारियों की जिम्मेदारियों तथा जनस्वास्थ्य संरक्षण के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला।

 

एफएसएसएआई लाइसेंस और खाद्य मानकों के पालन पर जोर

डॉ. कटारिया ने खाद्य कारोबारियों को एफएसएसएआई लाइसेंस की अनिवार्यता के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि प्रत्येक खाद्य व्यवसाय संचालक को निर्धारित नियमों का पालन करना आवश्यक है। उन्होंने खाद्य पदार्थों की पैकेजिंग, लेबलिंग, गुणवत्ता नियंत्रण तथा उपभोक्ताओं को सही जानकारी उपलब्ध कराने संबंधी नियमों पर भी विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन करने से न केवल उपभोक्ताओं का विश्वास बढ़ता है बल्कि व्यवसाय की विश्वसनीयता भी मजबूत होती है।

स्वच्छ रसोई, सुरक्षित पेयजल और हाइजीन पर विशेष फोकस

सहायक आयुक्त एवं अभिहित अधिकारी (खाद्य सुरक्षा) ललित मोहन पाण्डे ने खाद्य व्यवसाय संचालन के लिए आवश्यक गुड मैन्युफैक्चरिंग प्रैक्टिसेज (GMP) एवं गुड हाइजीन प्रैक्टिसेज (GHP) की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सुरक्षित पेयजल, स्वच्छ रसोईघर, खाद्य पदार्थों का उचित भंडारण, कीट नियंत्रण व्यवस्था तथा कर्मचारियों की व्यक्तिगत स्वच्छता खाद्य सुरक्षा के महत्वपूर्ण घटक हैं। उन्होंने ईट राइट इंडिया अभियान, आरयूसीओ (Reused Cooking Oil) और फूड फोर्टिफिकेशन जैसे विषयों पर भी विस्तृत जानकारी दी तथा होटल कारोबारियों से इन मानकों को व्यवहार में लागू करने का आह्वान किया।

नियमों की अनदेखी पर कार्रवाई की चेतावनी

कार्यशाला में उपस्थित होटल एवं रेस्तरां संचालकों को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत निर्धारित सभी प्रावधानों का अक्षरशः पालन करने के निर्देश दिए गए। विभागीय अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, स्वच्छता और सुरक्षा मानकों के साथ किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। जनस्वास्थ्य से जुड़े मामलों में नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

30 से अधिक होटल कारोबारियों ने लिया प्रशिक्षण

कार्यक्रम में वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी अपर्णा साह सहित होटल अनन्या, होटल कुन्दन, होटल मैनर, होटल रॉयल रेजीडेंसी, होटल शान-ए-पंजाब, द वेल्ज, होटल शगुन गार्डन सहित विभिन्न प्रतिष्ठानों के प्रतिनिधियों एवं खाद्य कारोबारियों ने भाग लिया। कार्यशाला में 30 से अधिक प्रतिभागियों ने सहभागिता कर खाद्य सुरक्षा, स्वच्छता और गुणवत्ता संबंधी मानकों की जानकारी प्राप्त की। अधिकारियों ने उम्मीद जताई कि इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रमों से खाद्य कारोबारियों में जागरूकता बढ़ेगी और आमजन को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।