हिंदी पत्रकारिता के 200 साल पूरे होने पर लालकुआं में भव्य गोष्ठी: “पत्रकारों के डर से देश छोड़ भागे थे अंग्रेज, पत्रकारिता ही देश की असली चौकीदार”—SSP डॉ. मंजूनाथ टीसी
लालकुआं/बिंदुखत्ता: भारतीय लोकतंत्र के चौथे स्तंभ ‘हिंदी पत्रकारिता’ के गौरवशाली दो सौ वर्ष (द्विशताब्दी) पूरे होने के ऐतिहासिक अवसर पर श्रमजीवी पत्रकार यूनियन के बैनर तले लालकुआं में एक भव्य विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस गौरवमयी गोष्ठी में लालकुआं, बिंदुखत्ता, हल्द्वानी और नैनीताल सहित समूचे जनपद के प्रबुद्ध कलमकारों और वरिष्ठ पत्रकारों ने प्रतिभाग कर पत्रकारिता के बदलते स्वरूप, चुनौतियों और इसकी प्रासंगिकता पर बेबाकी से अपनी बात रखी। इस दौरान कुमाऊं क्षेत्र के कई वरिष्ठ पत्रकारों को उनके अनुकरणीय योगदान के लिए सुना और सम्मानित किया गया।
पत्रकारिता इस देश की असली ‘चौकीदार’: एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी
विचार गोष्ठी में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे नैनीताल जनपद के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) डॉ. मंजूनाथ टीसी ने पत्रकारों को ‘हिंदी पत्रकारिता दिवस’ की बधाई देते हुए अपने संबोधन में कलम की ताकत को जमकर सराहा। उन्होंने इतिहास के पन्नों को पलटते हुए कहा:
“यह देश के निर्भीक पत्रकार ही थे, जिनकी पैनी कलम और वैचारिक प्रहार के डर से अंततः अंग्रेजों को घुटने टेकने पड़े और देश को आजादी मिली। पत्रकारिता ही इस देश की असली ‘चौकीदार’ है, जो व्यवस्था को जगाए रखती है।”
एसएसपी ने आगे जोड़ते हुए कहा कि आज के आधुनिक और डिजिटल दौर में भी हिंदी पत्रकारिता की महत्ता और जिम्मेदारी उतनी ही प्रासंगिक एवं जरूरी है, जितनी आजादी के उस कठिन संघर्ष वाले कालखंड में हुआ करती थी।
वरिष्ठ पत्रकार प्रयाग पाण्डेय ने भेंट की स्वरचित पुस्तक, दिग्गजों ने साझा किए अनुभव
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद नैनीताल के जिला सूचना अधिकारी (DIO) गिरजाशंकर जोशी ने भी सरकार और मीडिया के बीच के सकारात्मक समन्वय पर प्रकाश डाला।
गोष्ठी के दौरान क्षेत्र के अत्यंत वरिष्ठ पत्रकार प्रयाग पाण्डेय ने पत्रकारिता के अपने दशकों लंबे अनुभवों को युवा पत्रकारों के साथ साझा किया और मुख्य अतिथि एसएसपी नैनीताल को अपने द्वारा लिखित एक अत्यंत ज्ञानवर्धक पुस्तक सस्नेह भेंट की। गोष्ठी में पहुंचे अन्य वरिष्ठ वक्ताओं, जैसे भगवान सिंह गंगोला, माधव पालीवाल और जगमोहन रौतेला ने भी इस बात पर जोर दिया कि बाजारवाद के इस दौर में पत्रकारिता के मूल आदर्शों, शुचिता और विश्वसनीयता को बचाए रखना आज के दौर की सबसे बड़ी चुनौती है।
एकजुटता का संकल्प: गोष्ठी में उमड़ा कुमाऊं के पत्रकारों का हुजूम
इस ऐतिहासिक द्विशताब्दी गोष्ठी के अंत में आयोजक मंडल ने कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए दूर-दराज से पहुंचे सभी पत्रकार साथियों का दिल से आभार व्यक्त किया। आयोजकों ने स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि इस विशेष आयोजन का मुख्य उद्देश्य समाज को दिशा देने के साथ-साथ सभी पत्रकारों को एक मंच पर लाना और उनकी एकजुटता को मजबूत करना है, ताकि वे बिना किसी दबाव के निष्पक्षता से जनहित के मुद्दों को उठा सकें।
इस वैचारिक महाकुंभ में बीसी भट्ट, जीवन जोशी, नरेश चंद्रा, राजेश नेगी, प्रकाश जोशी, दीप जोशी, रणजीत बोरा, हरीश भट्ट, ओपी अग्निहोत्री, मुकुल आर्या, हिम जोशी ,अजय उप्रेती सहित कुमाऊं मंडल के भारी संख्या में प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया के पत्रकार, बुद्धिजीवी व गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

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