जीबी पंत कृषि विश्वविद्यालय को यूजीसी नियमों के तहत लाभ देने का आदेश

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जीबी पंत कृषि विश्वविद्यालय को यूजीसी नियमों के तहत लाभ देने का आदेश

उत्तराखंड हाईकोर्ट ने जीबी पंत कृषि विश्वविद्यालय द्वारा डिप्टी लाइब्रेरियन-कम एसोसिएट प्रोफेसर मीना सिंह को यूजीसी के नियमों के तहत लाइब्रेरियन के समस्त लाभ न दिए जाने के मामले पर सुनवाई की। मामले की सुनवाई के बाद खंडपीठ ने जीबी पंत कृषि विश्वविद्यालय को याची को यूजीसी व केंद्र सरकार की नियमावली 2010 के तहत वेतनमान व अन्य प्रकरणों पर छह माह के भीतर निर्णय लेने के आदेश जारी किए हैं। मामले की सुनवाई वरिष्ठ न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी व न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ में हुई।

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दरअसल, जीबी पंत कृषि विश्वविद्यालय में एसोसिएट प्रोफेसर कम डिप्टी लाइब्रेरियन के पद पर कार्यरत मीना सिंह ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। उन्होंने अपनी याचिका में कहा था कि वह विश्वविद्यालय में एसोसिएट प्रोफेसर के पद पर कार्यरत थीं और डिप्टी लाइब्रेरियन का पद रिक्त होने पर उन्होंने भी आवेदन किया था। वह इस पद के लिए योग्य भी पाई गईं, लेकिन कृषि विश्वविद्यालय उन्हें इस पद का निर्धारित वेतनमान नहीं दे रहा था। याचिका में कोर्ट से प्रार्थना की गई थी कि विश्वविद्यालय को उन्हें यूजीसी की नियमावली 2010 के तहत वेतनमान दिलाने के निर्देश दिए जाएँ।

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