आंगन में खेल रही 5 वर्षीय मासूम की दर्दनाक मौत; स्लाइडिंग गेट गिरने से सिर पर आई गंभीर चोट, बुझ गया घर का चिराग

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नैनीताल जिले के कालाढूंगी से एक अत्यंत दुखद और हृदयविदारक समाचार सामने आया है। घर के आंगन में खेल रही एक पांच साल की मासूम बच्ची पर लोहे का भारी स्लाइडिंग गेट गिर गया, जिससे उसकी जान चली गई। इस खबर ने पूरे क्षेत्र को गहरे शोक में डुबो दिया है।

यहाँ इस दर्दनाक हादसे का विवरण दिया गया है:

कालाढूंगी/रामनगर (13 अप्रैल 2026): वार्ड नंबर सात में रहने वाले विक्रम सिंह अधिकारी के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। उनकी बेटी हस्मिता (गौरी) की एक घरेलू हादसे में जान चली गई।

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1. कैसे हुआ हादसा?

  • घटना का समय: रविवार देर शाम।

  • स्थिति: 5 वर्षीय हस्मिता अधिकारी (गौरी) अपने घर के आंगन में खेल रही थी। खेलते-खेलते वह वहां लगे भारी लोहे के स्लाइडिंग गेट पर झूलने लगी।

  • दुर्घटना: झूलते समय गेट अचानक अपने ट्रैक (चैनल) से उतर गया और सीधे मासूम बच्ची के ऊपर आ गिरा। भारी गेट के नीचे दबने से गौरी के सिर पर प्राणघातक चोट आई।

2. अस्पताल पहुँचने से पहले ही मौत

हादसे के तुरंत बाद परिजन आनन-फानन में बच्ची को कालाढूंगी अस्पताल ले गए।

  • रेफर: प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसकी नाजुक हालत को देखते हुए तत्काल हल्द्वानी रेफर कर दिया।

  • दुखद अंत: हल्द्वानी के अस्पताल पहुँचने से पहले ही रास्ते में मासूम ने दम तोड़ दिया। डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।

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3. परिवार में पसरा मातम

हस्मिता के पिता विक्रम सिंह अधिकारी रामनगर गैस एजेंसी में संविदा कर्मचारी हैं। गौरी की मौत से परिवार पूरी तरह टूट गया है। जिस आंगन में बच्ची की किलकारियां गूंजती थीं, वहां अब केवल सन्नाटा और अपनों के रोने की आवाजें हैं।

4. घरों में बच्चों की सुरक्षा पर सवाल

यह हादसा घरों में लगे भारी स्लाइडिंग गेट्स और बच्चों की सुरक्षा के प्रति बड़ी चेतावनी है:

  • मैकेनिकल सेफ्टी: स्लाइडिंग गेट्स में अक्सर स्टॉपर या ट्रैक की खराबी जानलेवा साबित हो सकती है।

  • सतर्कता: विशेषज्ञों का कहना है कि छोटे बच्चों को ऐसे गेट्स या भारी संरचनाओं के पास अकेला नहीं छोड़ना चाहिए।

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