हिमालय प्रहरी

नैनीताल में रहस्यमयी पत्थरबाजी से दहशत: रात 8 बजते ही छतों पर बरसने लगते हैं पत्थर, पुलिस की कांबिंग भी बेअसर, खौफ में लोग

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नैनीताल। सरोवर नगरी नैनीताल के जिला पंचायत और अपर मॉल रोड क्षेत्र में पिछले कुछ दिनों से हो रही रहस्यमयी पत्थरबाजी ने स्थानीय निवासियों की रातों की नींद उड़ा दी है। पिछले करीब 10-11 दिनों से हर रात लगभग 8 बजे के बाद अचानक घरों की छतों पर पत्थरों की बौछार होने लगती है। यह खौफनाक सिलसिला देर रात 12 से 1 बजे तक लगातार जारी रहता है, जिससे पूरे क्षेत्र में डर और सनसनी का माहौल बना हुआ है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि शुरुआत में इसे कुछ शरारती तत्वों की हरकत मानकर नजरअंदाज किया गया, लेकिन रोजाना हो रही इस घटना ने अब बेहद संदिग्ध रूप ले लिया है।

स्थानीय निवासी चंपा, सुरेश चंद भट्ट और निर्मल ने बताया कि इस अजीबोगरीब घटना से परिवारों का सामान्य जीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है। शाम ढलते ही लोग खौफ के साये में जीने को मजबूर हैं; बच्चे डर के मारे पढ़ाई नहीं कर पा रहे हैं और महिलाएं घरों से बाहर निकलने में कतरा रही हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, जिला पंचायत परिसर, गेस्ट हाउस के ऊपर वाले जंगल और आसपास के पहाड़ी क्षेत्र से आबादी की तरफ पत्थर फेंके जाने की आशंका है। ग्रामीणों ने एकजुट होकर खुद भी रात के समय जंगलों में खोजबीन की, लेकिन अंधेरे में कोई सुराग हाथ नहीं लगा। अब इस इलाके में रहना लोगों के लिए दूभर हो गया है।

“स्थानीय लोगों की शिकायत मिलने के बाद पुलिस टीम ने संबंधित जंगल क्षेत्र में दो दिनों तक सघन कांबिंग अभियान चलाया है। फिलहाल कोई संदिग्ध व्यक्ति दिखाई नहीं दिया है, लेकिन स्थानीय लोगों की सुरक्षा को देखते हुए जंगल और आबादी वाले क्षेत्रों में सर्च अभियान लगातार जारी रखा जा रहा है।”

श्याम बोरा, एसआई, कोतवाली नैनीताल

पुलिस प्रशासन को मामले की लिखित शिकायत दी जा चुकी है, जिसके बाद पुलिस बल ने रात के समय जंगलों को खंगाला, पर अब तक कोई भी जिम्मेदार व्यक्ति पकड़ में नहीं आ सका है। लगातार हो रही इस रहस्यमयी पत्थरबाजी ने क्षेत्रवासियों की चिंता को सातवें आसमान पर पहुंचा दिया है। स्थानीय जनता ने पुलिस के उच्च अधिकारियों से मामले की गंभीरता से वैज्ञानिक और व्यावहारिक जांच करने, दोषियों का जल्द से जल्द पता लगाने तथा क्षेत्र में पुलिस गश्त बढ़ाकर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की गुहार लगाई है।

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