पिथौरागढ़ को मिलेगी बड़ी राहत: टनकपुर-तवाघाट NH बाइपास के निर्माण का रास्ता साफ, जनसुनवाई में नहीं मिली बड़ी आपत्ति

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पिथौरागढ़: टनकपुर-तवाघाट राष्ट्रीय राजमार्ग में पिथौरागढ़ नगर क्षेत्र में प्रस्तावित एनएच बाइपास निर्माण की कवायद शुरू हो चुकी है। हाल ही में अपर जिलाधिकारी योगेंद्र सिंह की अध्यक्षता में आयोजित जनसुनवाई कार्यक्रम में बाइपास के निर्माण को लेकर कोई बड़ी आपत्ति सामने नहीं आई, जिससे परियोजना का रास्ता साफ हो गया है।


🗺️ बाइपास का प्रस्ताव

 

  • लंबाई: बाइपास ऐंचोली से घुनसेरा गांव तक लगभग 11.55 किमी लंबा प्रस्तावित है।

  • टनलें: इस परियोजना में चार स्थानों पर टनल (सुरंग) भी बनाई जानी हैं:

    1. ऐंचोली से टकाड़ी तक: लगभग 909 मीटर।

    2. चंडाक-पुनेड़ी (दो टनल): पहली 949 मीटर, दूसरी 695 मीटर।

    3. तड़ीगांव से घुनसेरा के लिए: करीब 448 मीटर।

  • प्रभावित क्षेत्र: बाइपास की जद में ऐंचोली से घुनसेरा गांव तक कई गांवों की नाप भूमि और कुछ भवन आ रहे हैं।

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🤝 जनसुनवाई का परिणाम

 

जनसुनवाई कार्यक्रम में डेढ़ दर्जन से अधिक गांवों के जनप्रतिनिधि और नगर क्षेत्र के पार्षद मौजूद रहे।

  • सहमति: एनएच के अधिकारियों के अनुसार, जनप्रतिनिधियों ने बाइपास के समरेखण (एलाइमेंट) को लेकर सहमति जताई है।

  • आंशिक मांग: घुनसेरा के जनप्रतिनिधियों ने प्रस्तावित समरेखण में आंशिक परिवर्तन की मांग की, जिस पर राष्ट्रीय राजमार्ग के अधिकारियों ने विचार करने का आश्वासन दिया है।

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🛣️ लाभ और अगली कार्रवाई

 

  • यातायात में राहत: एनएच बाइपास बन जाने से टनकपुर, धारचूला, मुनस्यारी, थल, डीडीहाट की तरफ आवाजाही करने वाले लोगों को खासी राहत मिलेगी।

  • विकास: बाइपास क्षेत्र में आने वाले गांवों में विकास कार्यों को गति मिलेगी और रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।

अपर जिलाधिकारी योगेंद्र सिंह ने बताया कि जनसुनवाई में एनएच बाइपास को लेकर सहमति बनी है और कोई आपत्ति सामने नहीं आई है। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि आबादी वाले क्षेत्रों में सड़क की चौड़ाई कम रखी जाए, ताकि ग्रामीणों की निजी भूमि और आवासीय भवन ज्यादा प्रभावित न हों। अगले चरण में डीपीआर गठन और भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई की जाएगी।

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