हमले की पटकथा लिखने वाले पार्षद पर पुलिस ने कसा शिकंजा, सुरक्षा के लिए दिये गनर को भी लिया वापस

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झूठी तहरीर देने पर पार्षद के खिलाफ तय मानी जा रही कार्रवाई
राजू अनेजा, रुद्रपुर।कथित हमले की कहानी गढ़कर पुलिस और प्रशासन को गुमराह करने वाले पार्षद पर अब कानून का शिकंजा कसता दिख रहा है। खुद पर हमला करवाने की साजिश उजागर होते ही पुलिस ने सुरक्षा घेरा हटा लिया है। किच्छा विधायक तिलक राज बेहड़ के छोटे पुत्र एवं पार्षद सौरभ राज बेहड़ को दी गई सुरक्षा गुरुवार को वापस ले ली गई।
हमले के बाद सौरभ राज बेहड़ को उपचार के लिए निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। मामले को गंभीर मानते हुए एसएसपी मणिकांत मिश्रा के निर्देश पर उनकी सुरक्षा में गनर तैनात किया गया था। बुधवार शाम अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद वह घर लौट आए थे।
जांच आगे बढ़ने पर पूरा घटनाक्रम संदिग्ध निकला। पुलिस ने पहले तीन युवकों—वंश कुमार, बादशाह और दीपक सिंह—को हिरासत में लिया। इसके बाद साजिश की अहम कड़ी इंदर से हुई पूछताछ में खुलासा हुआ कि यह हमला किसी बाहरी दुश्मनी का नतीजा नहीं, बल्कि खुद पार्षद द्वारा रची गई पटकथा का हिस्सा था।
साजिश सामने आते ही एसएसपी मणिकांत मिश्रा ने एसपी क्राइम निहारिका तोमर को निर्देश दिए कि पार्षद को उपलब्ध कराया गया गनर तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाए। एसएसपी ने स्पष्ट किया कि पुलिस को झूठी सूचना देना दंडनीय अपराध है और इस मामले में पार्षद सौरभ राज बेहड़ के खिलाफ नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
झूठी तहरीर पर दर्ज हुआ था मुकदमा
हमले के तुरंत बाद पार्षद सौरभ राज बेहड़ ने ट्रांजिट कैंप थाना पुलिस को तहरीर सौंपकर तीन अज्ञात युवकों द्वारा हमला किए जाने का आरोप लगाया था। इसी तहरीर के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की, जो अंततः साजिश के खुलासे पर खत्म हुई।
अब पूरे जिले में यह चर्चा है कि क्या राजनीतिक रसूख कानून के आगे टिक पाएगा या पुलिस निष्पक्ष कार्रवाई कर एक मिसाल पेश करेगी।
फिलहाल सबकी निगाहें अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।

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