
राजू अनेजा,काशीपुर।जिले की राजनीति में बीते कुछ दिनों से सुलग रहा विवाद अब खुली सियासी जंग में तब्दील हो गया है। महापौर दीपक बाली की प्रेस वार्ता के बाद हिंदूवादी नेता गगन कंबोज ने अलग से प्रेस वार्ता बुलाकर बेहद आक्रामक लहजे में महापौर पर गंभीर और सनसनीखेज आरोपों की झड़ी लगा दी। कभी बाली के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलने वाले गगन कंबोज का यह बदला हुआ तेवर काशीपुर की राजनीति में भूचाल ले आया है।
गगन कंबोज ने कहा कि हालिया प्रकरण को लेकर महापौर ने खुद को “देश का सबसे ईमानदार महापौर” बताकर जो परिस्थितियां पेश की हैं, उन्हीं के जवाब में उन्हें प्रेस वार्ता करनी पड़ी। उन्होंने सीधे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के चुनाव को लेकर लगाए गए आरोपों पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर किसी ने मुख्यमंत्री धामी को सत्ता से दूर रखने की कोशिश की, तो वह आम आदमी पार्टी थी, लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद भाजपा को रोका नहीं जा सका।
उन्होंने 2022 के चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि बेहद कम समय में चुनाव लड़ने के बावजूद वोटों का अंतर महज 500–600 का रहा, जो जनता के समर्थन का प्रमाण है। कंबोज ने स्पष्ट किया कि उनकी लड़ाई किसी व्यक्तिगत दुश्मनी की नहीं, बल्कि सच और जमीर की है।
किसान आत्महत्या प्रकरण पर फूटा गुस्सा
प्रेस वार्ता का सबसे विस्फोटक हिस्सा काशीपुर के किसान सुखवंत सिंह की आत्महत्या को लेकर रहा। गगन कंबोज ने कहा कि आत्महत्या से पहले वायरल हुए वीडियो में मृतक ने खुद सीबीआई जांच की मांग की थी। विधायक अरविंद पांडे ने वही बात कही, तो इसमें गलत क्या है?
कंबोज ने दो टूक कहा,
“अगर इस मामले की सीबीआई जांच हो गई तो महापौर जी भी जेल जाने से नहीं बचेंगे।”
उन्होंने आरोप लगाया कि पीड़ित परिवार चार-पांच बार महापौर के दरवाजे पर न्याय की गुहार लेकर गया, लेकिन उसकी सुनवाई नहीं हुई। इसी उपेक्षा से तंग आकर किसान ने आत्महत्या जैसा कदम उठाया।
उन्होंने चुनौती दी कि अगर वह झूठ बोल रहे हैं तो प्रशासन जांच करा ले—सच अपने आप सामने आ जाएगा।
“जमीर जिंदा है तो कसम खाकर बताइए”
गगन कंबोज ने महापौर की वैधता पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा,
“आप बार-बार कहते हैं कि आपको जनता ने चुना है। जमीर जिंदा है तो कसम खाकर बताइए—क्या सच में काशीपुर की जनता ने आपको चुना है?”
उन्होंने यह भी कहा कि चुनावी जीत के बाद मनाया गया जश्न पाप के बराबर था, जिसके दोषी वह खुद भी मानते हैं।
वरिष्ठ नेताओं पर टिप्पणी को बताया अमर्यादित
महापौर द्वारा पूर्व सांसद बलराज पासी को “धृतराष्ट्र” कहे जाने पर गगन कंबोज ने कड़ा एतराज जताया। उन्होंने कहा कि बलराज पासी पुत्र वियोग के गहरे दुख में हैं और ऐसे समय में इस तरह की टिप्पणी राजनीतिक मर्यादाओं का घोर उल्लंघन है।
इसके साथ ही पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, अनिल बलूनी, मदन कौशिक, विजय बहुगुणा, रितु खंडूरी, सौरभ बहुगुणा और धन सिंह रावत को “गिरोह” कहे जाने पर भी कंबोज ने तीखा सवाल किया। उन्होंने कहा कि गिरोह शब्द अपराधियों के लिए होता है, न कि पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान सांसदों के लिए।
टिकट और सत्ता पर भी सवाल
गगन कंबोज ने महापौर के राजनीतिक सफर पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि भाजपा में आने के महज दो साल के भीतर महापौर बन जाना कई सवाल खड़े करता है। उन्होंने पूछा कि क्या काशीपुर में कोई कार्यकर्ता नहीं था, जिनकी अनदेखी कर महापौर को टिकट दिया गया?
खुली चेतावनी
प्रेस वार्ता के अंत में गगन कंबोज ने साफ शब्दों में कहा कि अगर अरविंद पांडे पर किसी भी तरह की कार्रवाई होती है तो वह खुद सड़कों पर उतरेंगे।
उन्होंने ललकारते हुए कहा,
“अरविंद पांडे काशीपुर आएंगे, मैं देखता हूं कौन माई का लाल उन्हें रोकता है।”
विकास बनाम बयानबाजी
अंत में गगन कंबोज ने कहा कि महापौर को सियासी बयानबाजी छोड़कर उस काम पर ध्यान देना चाहिए, जिसके लिए जनता ने उन्हें चुना है।
उन्होंने सवाल किया कि काशीपुर में बन रही सड़कों और विकास कार्यों में महापौर की वास्तविक भूमिका कितनी है?
गदरपुर से उठी यह सियासी चिंगारी अब काशीपुर में आग बन चुकी है। बाली के हमसफ़र रहे गगन कंबोज के इस आक्रामक तेवर ने साफ कर दिया है कि आने वाले दिनों में काशीपुर की राजनीति और ज्यादा तीखी, उग्र और टकरावपूर्ण होने वाली है।

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