RSS शताब्दी वर्ष: दो दिवसीय उत्तराखंड प्रवास पर आ रहे डॉ. मोहन भागवत; देहरादून में होगा प्रबुद्ध जनों और पूर्व सैनिकों से संवाद

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देहरादून | 19 फरवरी, 2026: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत आगामी 22 और 23 फरवरी को उत्तराखंड के दो दिवसीय प्रवास पर रहेंगे। संघ की स्थापना के 100 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में मनाए जा रहे शताब्दी वर्ष के तहत यह दौरा बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।


📅 सरसंघचालक के प्रवास का कार्यक्रम

डॉ. भागवत का यह प्रवास मुख्य रूप से देहरादून पर केंद्रित रहेगा, जहाँ वे समाज के विभिन्न वर्गों से सीधे संवाद करेंगे:

  • 22 फरवरी (प्रथम दिन): समाज के प्रमुख नागरिकों और गणमान्य व्यक्तियों के साथ संवाद। इसमें विभिन्न क्षेत्रों (शैक्षिक, सामाजिक, सांस्कृतिक) का नेतृत्व कर रहे प्रबुद्ध जनों को आमंत्रित किया गया है।

  • 23 फरवरी (द्वितीय दिन): पूर्व सैनिकों के साथ विशेष संवाद कार्यक्रम। संघ द्वारा सेवानिवृत्त सैनिकों की एक विस्तृत सूची तैयार कर उन्हें राष्ट्र निर्माण की चर्चा के लिए आमंत्रित किया गया है।

  • स्थान: वे देहरादून स्थित भारत माता मंदिर परिसर में आयोजित कार्यक्रमों में भाग लेंगे और संघ के प्रांत कार्यालय में विश्राम करेंगे।

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🔱 लक्ष्य: 1,000 हिंदू सम्मेलनों का आयोजन

शताब्दी वर्ष के अवसर पर संघ ने उत्तराखंड में अपनी वैचारिक पैठ मजबूत करने के लिए एक महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है:

  • व्यापक संपर्क: पूरे प्रदेश में 1,000 हिंदू सम्मेलन आयोजित करने का लक्ष्य है।

  • उद्देश्य: इन सम्मेलनों के माध्यम से समाज के अंतिम छोर तक पहुंच बनाना, संगठन के विचारों को साझा करना और ‘विकसित व समर्थ भारत’ के निर्माण का संकल्प लेना।

  • सामाजिक सहभागिता: प्रांत कार्यवाह दिनेश सेमवाल के अनुसार, इन कार्यक्रमों का मुख्य केंद्र सामाजिक समरसता और राष्ट्र निर्माण में हर वर्ग की भागीदारी सुनिश्चित करना है।

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📊 शताब्दी वर्ष की प्रमुख रणनीतियां

बिंदु विवरण
मुख्य विजन विकसित, श्रेष्ठ और समर्थ भारत का निर्माण।
संवाद श्रेणी प्रबुद्ध नागरिक, पूर्व सैनिक और सामाजिक कार्यकर्ता।
संगठनात्मक विस्तार शाखाओं के साथ-साथ हिंदू सम्मेलनों के जरिए जन-जन तक पहुंच।
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महत्व: संघ का मानना है कि पूर्व सैनिकों और प्रबुद्ध नागरिकों के साथ सरसंघचालक का यह सीधा संवाद राज्य में एक सकारात्मक सामाजिक वातावरण तैयार करेगा, जो शताब्दी वर्ष के संकल्पों को सिद्ध करने में सहायक होगा।

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