‘सपनों की छत’: PMAY-G से बदला 4500 से अधिक परिवारों का जीवन, 12 हजार नए आवासों का सर्वे पूरा

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पौड़ी गढ़वाल: जनपद के ग्रामीण अंचलों में अब सिर्फ ईंट-पत्थर के मकान नहीं बन रहे, बल्कि हजारों परिवारों की उम्मीदें आकार ले रही हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) ने उन गरीब परिवारों के जीवन में स्थायित्व और आत्मविश्वास भर दिया है, जिनके लिए कभी पक्की छत महज एक सपना थी। वर्ष 2016 से अब तक जनपद के 4,594 पात्र परिवारों को सुरक्षित और सम्मानजनक आवास मिल चुके हैं।

📊 योजना की प्रगति: साल-दर-साल सफलता के आंकड़े

जनपद ने हर वर्ष अपने लक्ष्यों को सफलतापूर्वक प्राप्त किया है:

  • 2023-24: 1,145 परिवारों को मिला घर।

  • 2022-23: 2,043 आवासों का निर्माण पूर्ण।

  • 2020-21: 860 का लक्ष्य हासिल।

  • 2016 से 2022: कुल 546 आवासों का निर्माण हुआ।

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🛠️ आवास प्लस सर्वे-2024: 12,379 नए घर प्रस्तावित

भविष्य की योजनाओं को लेकर प्रशासन ने कमर कस ली है। आवास प्लस सर्वे-2024 के तहत सभी विकासखंडों में 12,379 नए आवासों के लिए सर्वे का काम पूरा कर लिया गया है।

  • यह सर्वे तीन चरणों में किया गया है, जिसकी वैधता 5 साल रहेगी।

  • अब जिला स्तरीय समिति पात्र लोगों के चिह्नीकरण और आगे की प्रक्रिया को गति दे रही है।


💰 सीधे खाते में सहायता और अतिरिक्त लाभ

योजना की सबसे बड़ी विशेषता इसकी पारदर्शिता है। लाभार्थियों को मिलने वाली मदद का विवरण इस प्रकार है:

  1. मुख्य सहायता राशि: ₹1,30,000 (तीन किस्तों में सीधे बैंक खाते में)।

  2. मनरेगा मजदूरी: 95 दिन की मजदूरी का लाभ।

  3. राज्य सरकार का योगदान: उत्तराखंड सरकार द्वारा किचन सामग्री और बर्तनों के लिए ₹6,000 की अतिरिक्त मदद।

  4. सुविधाएं: प्रत्येक घर में एक कमरा, किचन और शौचालय अनिवार्य रूप से शामिल है।

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🎤 अधिकारी का कथन

“प्रधानमंत्री आवास योजना सिर्फ मकान बनाने की योजना नहीं, बल्कि गरीब परिवारों के जीवन को मजबूत आधार देने की पहल है। पारदर्शी प्रक्रिया और समयबद्ध क्रियान्वयन के कारण पौड़ी जनपद हर साल अपने लक्ष्यों को सफलतापूर्वक प्राप्त कर रहा है।”

— गिरीश गुणवंत, मुख्य विकास अधिकारी (CDO), पौड़ी


✨ बदलाव की नींव

पौड़ी के गांवों में अब पक्की दीवारों के साथ-साथ लोगों के सपने भी मजबूत हुए हैं। योजना के माध्यम से न केवल पलायन रोकने में मदद मिल रही है, बल्कि ग्रामीणों के जीवन स्तर में भी गुणात्मक सुधार आया है।

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